संयुक्त डीजीसीए के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

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दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को दिल्ली पुलिस को विमान नियम के उल्लंघन, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और जनवरी 2017 में एयरलाइंस में कार्यरत एक डॉक्टर को डराने-धमकाने के आरोप में एअर इंडिया के एक पायलट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने यह भी निर्देश दिया कि पायलट कैप्टन अरविंद कठपालिया की करतूतों को कथित तौर पर छिपाने के लिये संयुक्त नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) ललित गुप्ता का नाम भी प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर दर्ज करे।

अदालत ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) को रिकॉर्ड पर लिया और कहा कि ‘प्रथमदृष्टया’ संज्ञेय अपराध किये गये जिन पर विस्तृत जांच और सबूत जुटाने की आवश्यकता है। अदालत ने कहा  कि प्रथमदृष्टया प्रतीत होता है कि संज्ञेय अपराध हुए हैं और इनकी विस्तृत जांच एवं सबूत जुटाने की आवश्यकता है। इसलिए, आईजीआई हवाईअड्डा थाना के प्रभारी (एसएचओ) को यह निर्देश दिया जाता है कि वह मौजूदा मामले में एक प्राथमिकी दर्ज करें और जांच करें।

भारतीय पायलट संघ द्वार 19 जनवरी, 2017 को दर्ज कराई गयी शिकायत के अनुसार कठपालिया नयी दिल्ली से बेंगलूरू जाने वाले विमान का संचालन करने वाले थे और उन्होंने विमान संचालन के लिये आवश्यक प्री फ्लाइट ब्रेथ एवं एनालाइजर टेस्ट के बगैर विमान संचालन के लिये आगे बढ़ गये।

इसके बाद बेंगलूरू में भी उन्होंने ऐसे परीक्षण से इनकार कर दिया। इसके बाद नयी दिल्ली पहुंचने पर वह कथित रूप से प्री-फ्लाइट मेडिकल एक्जामिनेशन रूम गये और जिन विमानों का उन्होंने संचालन किया था उसके लिये प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर एक्जामिनेशन रजिस्टर में गलत प्रविष्टि भरी।

कठपालिया ने उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नितिन सेठ को कथित रूप से डराया-धमकाया भी। यह भी आरोप है कि सबूत से छेड़छाड़, धमकी देने के अलावा विमान नियम का भी उल्लंघन किया गया है।

Source: Purvanchal media