डब्ल्यूआईएफडब्ल्यू ने दिए गर्मी के लिए विकल्प

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विल्स लाइफस्टाइल इंडिया फैशन वीक (डब्ल्यूआईएफडब्ल्यू) स्प्रिंग-समर 2014 के पहले दिन के दूसरे शो में सिल्क और नेचुरल डाई में चटख रंगों की विविधता दिखी। फैशन डिजाइनर कनिका सलूजा ने लाल, हरा, जामुनी, नीला सरीखे रंगों में अपना अन्नाइक्का वस्त्र संग्रह पेश किया।

शो के बाद कनिका ने संवाददाताओं को बताया, “प्रत्येक रंग का एक मतलब होता है। उदाहरण के लिए लाल रंग महिलाओं की ऊर्जा दिखाता है। मैंने परिधान बनाने में सिर्फ सिल्क का प्रयोग किया है। वक्ष स्थल पर स्वर्ण और तांबे का भारी काम है।”

चटख रंगों और भारी कारीगारी वाले काम की जगह जल्द ही डिजाइनर उर्वशी कौर के आंखों को सुकून पहुंचाने वाले ऑर्गेनिक सृजन ने ली थी।

प्राकृतिक रंगों में गहरे नीले, लाल और भूरे सरीखे रंगों का प्रयोग किया गया था। परिधानों पर आंध्र प्रदेश और कच्छ के कारीगरों के हाथ के काम ने गर्मी जैसा अनुभव कराया।

मलमल, चंदेरी और सन के कपड़ों के जरिए यह संग्रह गर्मी में पहने जाने योग्य हो गया है। लंबी ड्रेस, जंपसूट्स, शररा ने यकीनन इस वस्त्र संग्रह को गर्मी के लिए खरीदा जाना जरूरी बना दिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Source: pURVANCHAL MEDIA