गठिया रोग का रामबाण इलाज है पपीते की चाय

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अपनी जिंदगी में आपने कई तरह की चाय पी होगी लेकिन शायद ही कभी पपीते की चाय के बारे में सुना होगा। पपीते की चाय सेहत के लिहाज से बेहद लाभकारी होती है। खासकर गठिया के रोगियों को यह चाय जरूर पीना चाहिए। यह शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम करता है जिससे सूजन दूर होने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह पाचन दुरुस्त रखने में भी मददगार होती है। प्लेटलेट्स को बढ़ाने में भी पपीते की चाय बेहद लाभकारी है। शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में भी यह मददगार है। आइए, जानते हैं कि पपीते की चाय बनाने की पाक विधि क्या है।

पपीते की चाय बनाने की सामग्री –

50 मिलीग्राम पानी
180 ग्राम कच्चा (हरा) पपीता टुकड़ों में कटा हुआ
2 बैग ग्रीन टी या 1 चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां

पपीते की चाय बनाने की विधि – पपीते की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में पानी डालें। अब हरे पपीते के टुकड़े भी इसमें डाल दें। इस पानी को गर्म होने के लिए आंच पर रख दें। जब ये पानी उबलने लगे तो आंच बंद कर दें और 10 मिनट के लिए पानी को थोड़ा ठंडा होने दें। अब इस पानी को छान लें और पपीते के टुकड़ों अलग कर लें। पानी में ग्रीन टी बैग डालिए या ग्रीन टी की पत्तियां डालकर 3 मिनट के लिए छोड़ दें। गर्म ही इस चाय को पिएं।

गठिया रोग में पपीते की चाय के फायदे – जब खून और ऊतकों में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब गठिया रोग होता है। पपीते में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने वाले गुण होते हैं। ऐसे में पपीते की चाय पीने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम होती है और गठिया रोग से राहत मिलने लगती है। इसके अलावा शरीर में किसी भी तरह के सूजन को दूर करने के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है।

Source: pURVANCHAL MEDIA