नहर खोद कतर को अलग-थलग करेगा सऊदी

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पिछले 14 माह से कतर पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए सऊदी अरब, यूएई और बहरीन ने राजनयिक रिश्ते खत्म किए हुए हैं। रिश्तों की इस खाई को सऊदी अरब ने एक नहर खोदकर और गहरा करने की योजना बनाई है। सऊदी अरब की योजना कतर के साथ हर तरह के जमीनी संपर्क भी खत्म करने की है, ताकि कतर को एक द्वीप बनाकर छोड़ दिया जाए।

यदि सऊदी अरब की यह योजना सफल होती है तो मानवीकृत भौगोलिक बदलाव के साथ पूरे कतर प्रायद्वीप को जमीनी स्तर पर अलग-थलग कर दिया जाएगा। कतर पर आरोप है कि वह उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी देश ईरान के साथ करीबी रिश्ते बना रहा है जो सुन्नी बहुल देशों की सुरक्षा के लिए खतरा है। हालांकि कतर इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के वरिष्ठ सलाहकार सऊद अल-काहतानी के मुताबिक, मुझे सल्वा आइलैंड प्रॉजेक्ट के लागू होने का बेसब्री से इंतजार है। इस परियोजना से क्षेत्र का पूरा भूगोल ही बदल जाएगा।

सऊदी सरकार को समर्थन करने वाले सबक न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार की योजना करीब 200 मीटर चौड़ी और 60 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की है। नहर के एक हिस्से को सऊदी अरब परमाणु कचरा निस्तारण सुविधा के रूप में इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है।

नहर खोदने के लिए टेंडर भी बुलाए गए
मक्का समाचार पत्र के मुताबिक सऊदी अरब और कतर के बीच नहर खोदने के मकसद से सरकार ने पांच विशेषज्ञ कंपनियों को टेंडर के लिए भी आमंत्रित किया है। इस कंपनी के नाम का एलान सितंबर में होगा। हालांकि सऊदी अथॉरिटीजन ने मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। जबकि दूसरी तरफ कतर ने भी इस मामले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Source: Purvanchal media