योगी सरकार में हुआ यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा ‘शिक्षक भर्ती’ घोटाला ,पास वाला फेल-फेल वाला पास !

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में अब तक सबसे बड़ा भर्ती घोटाला सामने आया है, 68500 शिक्षकों की भर्ती यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बन गयी है। यह घोटाला अपने आप में ही सबसे अलग तरह का घोटाला है, जहाँ पास वाले छात्र को रिजल्ट में फेल घोषित कर दिया जाता है तथा फेल वाले छात्र को रिजल्ट में अच्छे नम्बरों से पास कर दिया जाता है। इतना ही नहीं कई मामले तो ऐसे भी सामने आये हैं, जिसमें परीक्षा से अनुपस्थित छात्र मतलब जिन छात्रों ने परीक्षा भी नहीं दी वह भी 86 वा 75 जैसे अच्छे नम्बरों के साथ पास हो गए हैं। अभी तक सामने आये तथ्यों के अनुसार जिन 23 फेल अभ्यथियों को पास कर दिया गया था, उसमे से 20 ने शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था और इन्हें जिले भी आवंटन हो गए थे।

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गौरतलब है कि इस पूरे घोटाले से पर्दा तब उठा जब एक छात्रा की उत्तर पुस्तिका ही बदल कर उसे फेल कर दिया गया था, छात्रा को अपने ऊपर पूरा विश्वास था इसलिए उसने तत्काल न्यायलय से इन्साफ माँगा। इस प्रकरण पर न्यायलय ने उसे न्याय देते हुए उत्तर पुस्तिका कोर्ट में तालाब की पर जो उत्तर पुस्तिका कोर्ट में पेश की गयी वह उस छात्रा की उत्तर पुस्तिका ना होकर किसी और की निकली क्योंकि छात्रा के पास अपनी उत्तर पुस्तिका वो कार्बन कॉपी मौजूद थी जो परीक्षा के बाद मिलती है, जिसके चलते उत्तर पुस्तिका का मिलान कार्बन कॉपी से नहीं हो सका। इस पर कोर्ट ने छात्र के पास मौजूद उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी के जवाबों के उत्तर के आधार पर उसे काउंसिलिंग में शामिल होने का निर्देश दिया और सरकार से छात्रा की उत्तर पुस्तिका को ढूढ़ने का आदेश दिया ।

एक छात्र को इसी परीक्षा में कुल 22 अंक मिले थे जबकि कोर्ट में जांच होने पर 122 अंक निकले। यह पूरी भर्ती एक बड़े घोटाले के अंदेशे के चलते संदेह के घेरे में आ गयी है, जिसके कारण यूपी के 14 जिलों में नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी गयी है।

Source: Indiakinews