योगी बने ढ़ोंगी : सरकार के इशारे पर शिक्षक भर्ती की कॉपियां जलायी गईं, देश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया !

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने कार्यों और घोटालों के चलते देश की सबसे महाभ्रष्ट सरकारों में शामिल हो गयी है। मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार के घोटाले के सबूतों को मिटाने के लिये, अधिकारियों को निर्देश देकर शनिवार को दोपहर बाद परीक्षा नियामक कार्यालय में 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा की कापियां जलवा दी । यह वही कॉपियां थी जिसमें दलित छात्र सोनिका देवी की कॉपी भी शामिल थी, सोनिका देवी वही छात्र है जिसने अपने रिजल्ट को कोर्ट में चुनौती दी थी। बाद में कोर्ट ने सोनिका देवी के पास मौजूद उसकी उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी के आधार पर काउंसिलिंग में शामिल होने का निर्देश दिया था तथा सरकार से सोनिका देवी की ओरिजिनल कॉपी को ढूंढने का निर्देश जारी कर दिया था क्योंकि जो कॉपी कोर्ट में पहले पेश की गयी थी वह कॉपी सोनिका देवी की ना होकर के किसी और की थी। इस प्रकरण में सोनिका देवी की कॉपी को ही बदल दिया गया था और उसके 122 नंबर वाली उत्तर पुस्तिका को एक जनरल केटेगरी के रोल नंबर पर चढ़ा दिया गया था तथा एक जनरल केटेगरी की उत्तर पुस्तिका जिसमे 22 नंबर थे उसको सोपनिका देवी के रोल नंबर पर चढ़ा दिया गया था।

योगी सरकार ने जलवायीं 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा की कापियां !

68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा की कापियां जलाए जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परीक्षार्थी मौके पर पहुंच गए। जली कापियों के बीच परीक्षार्थियों को सोनिका देवी की जली ओएमआर शीट भी मिली।
सोनिका ने ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कापी बदले जाने का आरोप लगाया था। हालांकि, कापियां किसने जलाईं इसका पता नहीं चल सका है।

परीक्षार्थियों ने परिसर में शिक्षक भर्ती का ओएमआर जलाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उनका कहना था कि योगी सरकार अपनी एक गलती छुपाने के लिए गलती पर गलती करती जा रही हैं।

वहीं योगी सरकार ने इस प्रकरण के वायरल होने पर सरकार की बची-खुची इज्जत बचाने के लिए आनन-फानन में सचिव परीक्षा नियामक डॉ. सुत्ता सिंह निलंबित कर दिया। हालाँकि तब तक उन्हें विशेष निर्देश दिए जा चुके थे और इसी कारण निलंबन के बाद भी शनिवार को दिनभर कार्यालय में बैठीं रहीं और जरूरी काम निपटाए। विभाग के कर्मचारियों की मानें तो उन्होंने सबसे पहले कर्मचारियों को कार्यालय से घर भेज दिया। इसके कुछ ही देर बाद 68500 शिक्षक भर्ती की कॉपियों को जलाने की खबर सामने आ गयी। गौरतलब है कि इस तरह का घोटाला देश में पहली बार हुआ है और सरकार चोर होते हुए भी सीना-जोरी कर रही है।

रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कर्मचारियों के साथ मिलकर कुछ जरूरी काम किए। कर्मचारियों के बाहर निकलते ही जैसे ही यह बात परीक्षार्थियों को पता चली उन्होंने परीक्षा नियामक कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया।

हंगामे के बीच कार्यालय का मुख्य गेट बंद करके सचिव डॉ. सुत्ता सिंह अंदर ही रहीं। इस संबंध में सचिव परीक्षा नियामक से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।

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अध्यापक भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के जांच में फंसने के भय से pnp इलाहाबाद की सचिव सुत्ता सिंह ने pnp इलाहाबाद आफिस में कापियों को जलवा दिया जिसका वीडियो कही से मिला है इसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और अगर ये सही है तो सुत्ता सिंह को निलंबन नही जेल भेजा जाना चाहिए

Posted by Anurag Verma on Saturday, September 8, 2018

Source: Indiakinews