आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर हैक 1 अरब लोगों की निजी जानकारी दांव पर, EVM हैक पर कब जागेगा आयोग !

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दिल्ली : भारत की मोदी सरकार भले ही आधार कार्ड और EVM को लेकर बड़े-बड़े दावे करती रही हो, पर मोदी सरकार के सारे दावों की पोल खुल गयी है। वैसे भी आधार कार्ड और EVM की सुरक्षा को लेकर भारत में एक लंबे समय से विवाद चल रहा है। बता दें कि अभी हाल ही में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि वह आधार के लिए फेस रिकॉग्निशन तकनीक (चेहरा पहचानने) पर काम कर रही है और इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि आधार के सॉफ्टवेयर को हैक कर लिया गया है।

एक निजी वेब पोर्टल हफिंगटनपोस्ट डॉट इन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर हैक किया जा चुका है और भारत के करीब एक अरब लोगों की निजी जानकारी दांव पर लगी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आधार कार्ड के सॉफ्टवेयर एक लूपहोल (गड़बड़ी) है जिसकी मदद से एक सॉफ्टवेयर के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति किसी के भी नाम से वास्तविक आधार कार्ड बना सकता है। वहीँ EVM के कारण विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश भारत के लोकतंत्र को बचाने कर रखने का भी खतरा बढ़ गया है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एक ट्विटर होल्डर ने UIDAI के अध्यक्ष की निजी जानकारी को वायरल करके सबको चौंका दिया था, पर तब भी सरकार ने दावा किया था की आधार पूरी तरह सुरक्षित है।

भारत के एक अरब लोगों की निजी जानकारी की कीमत महज 2,500 रुपये है !

आधार को हैक करने वाले सॉफ्टवेयर की कीमत सिर्फ 2,500 रुपये है। हफिंगटनपोस्ट डॉट इन का दावा कि उसने तीन महीने की जांच के बाद इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया है। इस रिपोर्ट को तैयार करने में दुनियाभर के 5 एक्सपर्ट की मदद ली गई है। रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अभी भी इस सॉफ्टवेयर का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। दरअसल इस सॉफ्टवेयर की मदद से आधार की सिक्योरिटी फीचर को बंद किया जा सकता है और नया आधार तैयार किया जा सकता है।

गौर करने वाली बात यह है कि आधार कार्ड हैक करने वाला यह सॉफ्टवेयर 2,500 रुपये में व्हाट्सएप पर बेचा जा रहा है। साथ ही यूट्यूब पर भी कई वीडियो मौजूद हैं जिनमें एक कोड के जरिए किसी के भी आधार कार्ड से छेड़छाड़ हो सकती है और नया आधार कार्ड बनाया जा सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है यूआईडीएआई ने जब टेलीकॉम कंपनियों और अन्य प्राइवेट कंपनियों को आधार का एक्सेस दिया था उसी दौरान यह सुरक्षा खामी सामने आई और अब दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति इसका गलत फायदा उठा सकता है। हालांकि इस मामले पर यूआईडीएआई ने कोई बयान नहीं दिया है। वहीं इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है।

Source: Indiakinews