जानिए 14 सितंबर के रोचक इतिहास के बारे में…

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रोचक डेस्क। आज ही के दिन विलियम बेंटिक भारत में पहला गवर्नर जनरल बनकर आये थे। जिन्हें ‘विलियम कैवेंडिश बैटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है, को भारत का प्रथम गवर्नर-जनरल का पद सुशोभित करने का गौरव प्राप्त है। पहले वह मद्रास के गवर्नर बनकर भारत आये थे। उनका शासनकाल अधिकांशत: शांति का काल था। लॉर्ड विलियम बैंटिक ने भारतीय रियासतों के मामले में अहस्तक्षेप की नीति को अपनाया था। उन्होंने पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह से संधि की थी, जिसके द्वारा अंग्रेज़ और महाराजा रणजीत सिंह ने सिंध के मार्ग से व्यापार को बढ़ावा देना स्वीकार किया था। विलियम बैंटिक के भारतीय समाज में किए गए सुधार आज भी प्रसिद्ध हैं। सती प्रथा को समाप्त करने में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान था। अपने शासनकाल के अंतिम समय में वह बंगाल के गवर्नर-जनरल रहे थे। भारत आगमन लॉर्ड विलियम बैंटिक पहले मद्रास के गवर्नर की हैसियत से भारत आये थे, लेकिन 1806 ई. में वेल्लोर में सिपाही विद्रोह हो जाने पर उन्हें वापस बुला लिया गया। इक्कीस वर्षों के बाद लॉर्ड एमहर्स्ट द्वारा त्यागपत्र दे देने पर उन्हें गवर्नर-जनरल नियुक्त किया गया था और उन्होंने जुलाई 1828 ई. में यह पद ग्रहण कर लिया। सामाजिक सुधार के कार्य विलियम बैंटिक के शासन का महत्त्व उनके प्रशासकीय एवं सामाजिक सुधारों के कारण है, जिनके फलस्वरूप वह बहुत ही लोकप्रिय हुए। इनका आरम्भ सैनिक और असैनिक सेवाओं में किफ़ायतशारी बरतने से हुआ। उन्होंने राजस्व, विशेषकर अफ़ीम के एकाधिकार से होने वाली आय में भारी वृद्धि की। फलत: जिस वार्षिक बजट में घाटे होते रहते थे, उनमें बहुत बचत होने लगी। उन्होंने भारतीय सेना में प्रचलित कोड़े लगाने की प्रथा को भी समाप्त कर दिया। भारतीय नदियों में स्टीमर चलवाने आरम्भ किये, आगरा क्षेत्र में कृषि भूमि का बंदोबस्त कराया, जिससे राजस्व में वृद्धि हुई, तथा किसानों के द्वारा दी जाने वाली मालगुज़ारी का उचित निर्धारण कर उन्हें अधिकार के अभिलेख दिलवाये। बैंटिक ने लॉर्ड कार्नवालिस की भारतीयों को कम्पनी की निम्न नौकरियों को छोडक़र ऊँची नौकरियों से अलग रखने की ग़लत नीति को उलट दिया और भारतीयों की सहायक जज जैसे उच्च पदों पर नियुक्तियाँ कीं। ज़िला मजिस्ट्रेट तथा ज़िला कलेक्टर के पद को मिलाकर एक कर दिया, प्रादेशिक अदालतों को समाप्त कर दिया, भारतीयों की नियुक्तियाँ अच्छे वेतन पर डिप्टी मजिस्ट्रेट जैसे प्राशासकीय पदों पर की तथा ‘डिवीजनल कमिश्नरों (मंडल आयुक्त)’ के पदों की स्थापना की। इस प्रकार उसने भारतीय प्रशासकीय ढाँचे को उसका आधुनिक रूप प्रदान किया। इसके अलावा भी भारतीय एवं विश्व इतिहास में आज के दिन बहुत कुछ हुआ, आइए एक नजर डालते हैं आज के इतिहास पर…

 

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1662 – नीदरलैंड और इंग्लैंड के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

 

1770 – डेनमार्क में प्रेस की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।

 

1803 – ब्रिटिश जनरल लॉर्ड लेक ने द्बितीय एंग्लो-मराठा युद्ध के दौरान दिल्ली पर कब्जा किया।

 

1829 – एड्रियानोपेल शांति समझौते के बाद रूसी-तुर्की युद्ध समाप्त हुआ।

 

1833 – विलियम बेंटिक भारत में पहला गवर्नर जनरल बनकर आया।

 

1868 – आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के गुरु स्वामी विरजानंद का निधन।

 

1901 – अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैकेंजी की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गयी।।

 

1949 – संविधान सभा ने हिदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया।

 

1953 – से संपूर्ण भारत में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

1959 – तत्कालीन सोवियत संघ का अंतरिक्ष यान लूना-2 चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला पहला यान बना ।

 

1960 – खनिज तेल उत्पादक देशों ईरान, सउदी अरब, इराक, कुवैत और वेनेजुएला ने मिलकर ओपेक की स्थापना की ।

 

1985 – सोवियत संघ ने 25 ब्रितानी राजनयिक को जासूसी के आरोप में देश छोड़ने का आदेश दिया ।

 

2003 – पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी-बिसाउ में सेना ने राष्ट्रपति कुंबा माला सरकार का तख्ता पलटा ।

 

2008 – रूस के पेर्म क्राई में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से विमान में सवार सभी 88 लोगों की मौत हो गई।

 

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Source: Rochak khabare