मामला पहाड़ों के गायब होने और पत्थर उत्खनन का, हाइकोर्ट ने किया सवाल

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रांची : हाइकोर्ट में मंगलवार को पहाड़ों के गायब होने और पत्थर उत्खनन से हो रहे प्रदूषण को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने गवर्नमेंट के जवाब को अधूरा बताते हुए नाराजगी जतायी खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए बोला कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोगों के फायदे के लिए गवर्नमेंट लघु खनिज को लेकर पॉलिसी नहीं बना रही है जबकि पॉलिसी बन जाने से गवर्नमेंट को ही फायदामिलेगा
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खंडपीठ ने गवर्नमेंट से जानना चाहा कि जितना आवेदन आयेगा, क्या सभी को खनन पट्टा दिया जायेगा पट्टा देने की कोई सीमा तय है की नहीं पॉलिसी हो, जिससे पर्यावरण का संरक्षण हो सके तथा भावी पीढ़ी की जरूरतों के लिए भी लघु खनिज का संरक्षण हो सके खंडपीठ ने गवर्नमेंट को विस्तृत और जिलावार अद्यतन जानकारी देने का आदेश दिया जिसमें बताया जाये कि कितना लघु खनिजों का उत्खनन हो रहा है कितना खनिज उपलब्ध है किसे बचा कर रखना है खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए एक नवंबर की तिथि निर्धारित की एमिकस क्यूरी अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता विजय रंजन सिन्हा और गवर्नमेंट की अोर से अधिवक्ता विकास ने पक्ष रखाउल्लेखनीय है कि प्रभात समाचार में पहाड़ों के गायब होने से संबंधित प्रकाशित समाचार को हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था हेमंत कुमार सिकरवार और कामता प्रसाद सिंह की अोर से भी अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गयी हैसभी याचिकाअों पर एक साथ सुनवाई हो रही है
ललमटिया खदान एक्सीडेंट मामला
हाइकोर्ट में गोड्डा जिले के ललमटिया खदान हादसे को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ में मामले की सुनवाई के दाैरान केंद्र गवर्नमेंट की अोर से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया खंडपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की राज्य गवर्नमेंट की अोर से अधिवक्ता अरविंद कुमार ने पक्ष रखा प्रार्थी मो सरफराज ने याचिका दायर कर हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने, मृत आश्रितों के परिजन को नाैकरी औरउचित मुआवजा की मांग की है साल 2015 के 29 दिसंबर को हुए उक्त खदान हादसे में 18 कर्मियों का मृत शरीर बरामद किया गया था प्रार्थी का कहना है कि खदान के अंदर 40 से अधिक कर्मी थे, लेकिन 18 मृत शरीर ही बरामद किया गया हादसे की जांच डायरेक्टर जनरल अॉफ माइंस सेफ्टी ने करायी थी रिपोर्ट के आधार पर निचली न्यायालय में शिकायतवाद भी दर्ज कराया गया है
ऊर्जा विकास निगम की अपील पर सुनवाई
हाइकोर्ट में मंगलवार को बिजली फ्रेंचाइजी के मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनाैती देनेवाली झारखंड ऊर्जा विकास निगम की अपील याचिका पर सुनवाई हुई एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए सात नवंबर की तिथि निर्धारित की इससे पूर्व प्रतिवादी की अोर से अधिवक्ता सुमित गड़ोदिया ने खंडपीठ को बताया कि इस मामले में पहले गवर्नमेंट और निगम बार-बार समय लेती रही है मामले की सुनवाई तय करने का आग्रह किया उल्लेखनीय है कि झारखंड ऊर्जा विकास निगम की अोर से अपील याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी गयी है एकल पीठ ने बिजली फ्रेंचाइजी के मामले में रांची क्षमता डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गवर्नमेंट के आदेश को खारिज कर दिया था गवर्नमेंट ने रांची, जमशेदपुर और धनबाद शहर में बिजली वितरण के लिए अलग-अलग प्राइवेट कंपनियों को काम दिया था
राज्य गवर्नमेंट से जवाब मांगा
गाय सहित अन्य पशुअों पर हो रही क्रूरता को रोकने और क्रूरता समाधान अधिनियम को सख्ती से लागू करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य गवर्नमेंट को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया साथ ही शपथ लेटर दायर करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता मदन प्रसाद ने पक्ष रखा उन्होंने खंडपीठ को बताया कि पशुधन की तस्करी हो रही है पकड़े गये गायों को रखने की कोई व्यवस्था गवर्नमेंट के पास नहीं है पशुअों पर क्रूरता की घटनाएं बढ़ गयी हैं इंडियनपशु क्रूरता समाधान अधिनियम को झारखंड में सख्ती से लागू कराने का आग्रह किया राज्य गवर्नमेंट की अोर से अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने पक्ष रखा उल्लेखनीय है कि प्रार्थी गऊ ज्ञान फाउंडेशन की अोर से जनहित याचिका दायर की गयी है
वन्य जीव अभयारण्यों को इको सेंसेटिव जोन घोषित करने के मामले में सुनवाई
झारखंड हाइकोर्ट में मंगलवार को वन्य जीव अभयारण्यों को इको सेंसेटिव जोन घोषित करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ में मामले की सुनवाई के दाैरान केंद्र गवर्नमेंट की अोर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका इस पर खंडपीठ ने 20 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी उल्लेखनीय है कि प्रार्थी महेश राय ने जनहित याचिका दायर की हैजिसमें बोला है कि वन जीव अभयारण्यों को इको सेंसेटिव जोन घोषित किया जाये, ताकि वन्य जीव निर्भिक होकर अपने वास स्थल पर रह सकें खनन और जंगलों में वृक्षों की कटाई से वन्य जीव पलायन करते हैं 10 वन्य जीव अभयारण्यों को इको सेंसेटिव जोन घोषित करने की मांग की हैदलमा आश्रयणी को इको सेंसेटिव जोन घोषित किया गया है

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Source: Purvanchal media
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