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एशिया के दूसरे सबसे ऊंचे बांध की झील में जल्द उतरेगा सी-प्लेन

एशिया के दूसरे सबसे ऊंचे बांध की झील में भी जल्द सी प्लेन उतरने वाला है. इसके साथ ही राष्ट्र संसार से यहां आने वाले पर्यटकों का सफर व भी रोमांच भरा हो जाएगा.Image result for एशिया के दूसरे सबसे ऊंचे बांध की झील में जल्द उतरेगा सी-प्लेन

टिहरी झील में फरवरी में सी प्लेन उतरेगा. व्यक्तिगत आपरेटरों के साथ-साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय की टीम इस बात का अध्ययन करने आएगी कि झील सी-प्लेन के लिए उपयुक्त है कि नहीं. अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने के दौरान टिहरी झील में सी-प्लेन उतारने का ट्रायल किया जाएगा.

केंद्र गवर्नमेंट की योजना पूरे राष्ट्र में 100 जगहों पर सी-प्लेन चलाने की है, जिसमें टिहरी झील को भी शामिल किया गया है. सी-प्लेन योजना में टिहरी झील को शामिल करने के बाद व्यक्तिगत आपरेटरों की टीम फरवरी माह में इस बात का अध्ययन करने आ रही है कि यह सेवा उनके लिए किस तरह से फायदे का सौदा साबित होगी. व्यक्तिगत आपरेटरों की टीम अपनी रिपोर्ट से केंद्र गवर्नमेंट को अवगत कराएगी. साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सी-प्लेन सेवा प्रारम्भ करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा.
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क्या है सी प्लेन की विशेषताएं
-सी प्लेन प्लेन जमीन व पानी दोनों से उड़ान भर सकता है

-सी प्लेन को पानी व जमीन पर लैंड कराया जा सकता है

-300 मीटर के रनवे से उड़ान भर सकता है सी प्लेन

-300 मीटर की लंबाई वाली नदी, झील, जलाशय का प्रयोग हवाई पट्टी के रूप में किया जा सकता है.

सी प्लेन को लेकर केंद्र की क्या है योजना
केंद्र गवर्नमेंट राष्ट्र में लगभग 100 सी प्लेन सेवा प्रारम्भ करना चाहती है. प्रारंभिक दौर में लगभग 111 नदियों का हवाई पट्टी के तौर पर प्रयोग होगा. वैसे तो गवर्नमेंट की योजना सी प्लेन से नदियों व झील के किनारे स्थित हर शहर व कस्बे को जोड़ने की है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय सी-प्लेन के उड़ान को लेकर नियम भी तैयार कर रहा है.

व्यक्तिगत आपरेटरों की टीम फरवरी में टिहरी झील में सी प्लेन उतारने की योजना का अध्ययन करने आ रही है. इस दौरान झील में प्लेन उतारने का ट्रायल भी किया जा सकता है. टीम की रिपोर्ट के आधार पर इस दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा.
-ओम प्रकाश, सीईओ, यूकाडा

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Source: Purvanchal media