47 आईपीएस अफसरों को एक वर्ष की सीनियरिटी का फायदा

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प्रांतीय पुलिस सेवा से प्रोन्नति पाए 2005 व 2006 बैच के 47 आईपीएस अफसरों को एक वर्ष की सीनियरिटी का फायदा मिलेगा. यानी प्रांतीय पुलिस सेवा से प्रोन्नति पाए 2005 के 13 आईपीएस को 2004 बैच व 2006 बैच के 34 आईपीएस को 2005 बैच का माना जाएगा.Image result for 47 आईपीएस अफसरों क

दरअसल साल 2009 में यूपी में तत्कालीन मायावती गवर्नमेंट ने पारिणामिक ज्येष्ठता को लेकर नया नियम बनाया. प्रांतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने इसका विरोध किया व उच्चतम कोर्ट की शरण ली. उच्चतम कोर्ट ने 2012 में मायावती गवर्नमेंट के फैसला को निरस्त करते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी.

इस दौरान 2009, 2010 व 2011 में विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की मीटिंग नहीं हुई . 2012 में गवर्नमेंट ने सुप्रीम न्यायालय के आदेश को मानते हुए पुरानी व्यवस्था से 2009 से 2012 तक की डीपीसी एक साथ कर दी. इसी दौरान केंद्र गवर्नमेंट ने प्रांतीय सेवा से इंडियन प्रशासनिक सेवा, इंडियन पुलिस सेवा व इंडियन वन सेवा में प्रोन्नति पाने के लिए ज्येष्ठता नियमों में संशोधन कर दिया. प्रदेश में 2012 में जो चार सालों की डीपीसी हुई, उसमें भी केंद्र के बदले गए नियम को लागू कर दिया गया.
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कोर्ट ने किया निर्णय
प्रदेश में तीन साल डीपीसी न होने का नुकसान 2005 व 2006 बैच के अफसरों को उठाना पड़ा. इन अफसरों ने सुप्रीम न्यायालय में याचिका दाखिल कर उनकी ज्येष्ठता 2012 से पहले के नियमों के अनुसार करने की मांग की. कोर्ट ने इन अधिकारियों के पक्ष में निर्णय सुनाया. केंद्रीय कार्मिक विभाग ने इस विषय में कार्यालय ऑफ मेमोरेंडम भी जारी कर दिया.

इसके बाद प्रांतीय प्रशासनिक सेवा से प्रोन्नति पाए आईएएस अधिकारियों व प्रांतीय वन सेवा से प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों की ज्येष्ठता का आवंटन पुन: निर्धारित करते हुए उन्हें एक-एक साल की ज्येष्ठता का फायदा दे दिया गया, लेकिन आईपीएस अधिकारियों का मामला अभी गृह मंत्रालय में अटका हुआ है.

माना जा रहा है कि इस माह के अंत में या अगले महीने के पहले सप्ताह इस पर निर्णय हो जाएगा. गृह मंत्रालय की हरी झंडी मिलते ही 2005 बैच के 13 अफसरों को डीआईजी पद का व 2006 बैच के 34 अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड का फायदा मिल जाएगा.
2004 बैच के आईपीएस अधिकारियों का इसी साल की आरंभ में डीआईजी के पद पर प्रमोशन हुआ है. इसलिए ये ऑफिसर भी डीआईजी पद के हकदार हो जाएंगे. प्रांतीय पुलिस सेवा के इन अफसरों में राम बोध, कवींद्र प्रताप सिंह, सुनील कुमार सक्सेना, सुभाष सिंह बघेल, राकेश शंकर, उमेश श्रीवास्तव, सत्येंद्र कुमार सिंह, रतनकांत पांडेय, विक्रमादित्य सचान, जितेंद्र कुमार शुक्ला, मृगेंद्र सिंह, पीयूष श्रीवास्तव व दिनेशचंद्र दूबे अगले महीने डीआईजी बन जाएंगे. इसी तरह 2006 बैच के अफसरों को 2005 बैच मिलने की वजह से 34 अधिकारी सेलेक्शन ग्रेड के हकदार होंगे.

डीआईजी की कमी हो जाएगी दूर
प्रदेश में अभी केवल 19 डीआईजी हैं, जबकि डीआईजी रैंक के पदों की संख्या लगभग 40 है. डीआईजी की कमी की वजह से कई रेंज में आईजी तैनात किए गए हैं. इसके अतिरिक्त पुलिस की कई शाखाएं ऐसी हैं जहां डीआईजी का एक भी पद नहीं है जबकि अलग-अलग शाखा में डीआईजी का कम से कम एक पद है.

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Source: Purvanchal media