पिछले दो वर्षों में गुजरात से 14 हजार 229 महिलाएं लापता

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गांधीनगर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को महिला के सम्मान के तौर पर मनाया जाता है। आज के दिन उनकी सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक उपलब्धियों पर हम जश्न मनाते हैं। लेकिन, इस मौके पर गुजरात विधानसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब सुनने के बाद ऐसा लगने लगा है कि नरेंद्र मोदी जब से केंद्र की सत्ता में काबिज हुए हैं, तब से गुजरात मॉडल की हवा निकलने लगी है। दरअसल, गुजरात विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक विधायक ने पूछा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के अलग-अलग शहरों से कितनी महिलाएं लापता हुई हैं? गवर्नमेंट की तरफ से जवाब में बोला गया कि पिछले दो वर्षों में गुजरात से 14 हजार 229 महिलाएं लापता हुई हैं।Image result for अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को महिला के

3509 महिलाएं अभी भी लापता
आगे बोला गया कि, लापता स्त्रियों में से 10 हजार 720 स्त्रियों का पता चल चुका है, जबकि 3509 महिलाएं अभी तक लापता हैं। गवर्नमेंट की तरफ से दिए गए जवाब के मुताबिक, 2016 में 6581 महिलाएं व 2017 में 7648 महिलाएं लापता हुईं। इन दो वर्षों में सबसे ज्यादा अहमदाबाद से 2908 व सबसे कम गांधीनगर से 630 महिलाएं लापता हुई हैं। 2016 में अहमदाबाद से 1255 जबकि 2017 में 1653 महिलाएं लापता हुई हैं।

सरकार की तरफ से उठाए गए ये कदम
लापता स्त्रियों को खोजने की दिशा में गवर्नमेंट की तरफ से क्या कदम उठाए जा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में बोला गया कि लापता स्त्रियों को खोजने के लिए उनकी फोटो, शारीरिक संरचना, रंग समेत अन्य जानकारी टीवी चैनलों पर दी जाती है। इसके अतिरिक्त ई-गुजकोप प्रोजेक्ट के तहत फोटो के साथ पूरी जानकारी अपलोड की गई है। इसके अतिरिक्त लापता स्त्रियों की जानकारी व पोस्टर सार्वजनिक जगहों, अनाथ आश्रम व पुलिस चौकियों में लगाए गए हैं।

गुजरात पुलिस की रिपोर्ट में क्या बोला गया?
पिछले महीने गुजरात पुलिस की तरफ से स्त्रियों के विरूद्ध क्राइम को लेकर एक आंकड़ा पेश किया गया था, जिसके बाद विजय रूपाणी गवर्नमेंट कठघरे में है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में स्त्रियों के विरूद्ध क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। क्राइम के आंकड़े को गुजरात के DGP ने पेश किया था। रिपोर्ट में बोला गया कि प्रदेश में रेप, छेड़छाड़ , दहेज के लिए मर्डर व प्रताड़ित किए जाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में बोला गया है कि गुजरात में प्रतिदिन 14 महिलाएं किसी न किसी क्राइम का शिकार होती हैं। इनमें से 6 महिलाएं रेप, यौन शोषण व दहेज प्रताड़ना की शिकार हो रही हैं। राजधानी अहमदाबाद में हर दूसरे दिन छेड़छाड़ और 6 दिन में एक बलात्कार की घटना घटित हो रही है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में दहेज उत्पीड़न के 86 मामले पाए गए जो वर्ष 2017 में बढ़कर 656 हो गया था।

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Source: Purvanchal media