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न पिता का साया न माँ का आंचल फिर भी अपने दम पर यह प्रधान बेटी रच रही है इतिहास, यूपी का नाम कर दिया है पूरे भारत में:- ऐसी महिला को नवरात्रि पर सलाम

न पिता का साया न माँ का आँचल फिर भी प्रधान बेटी रच रहीं है इतिहास पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से पा चुकी हैं सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

यूपी के सबसे पूर्वी जिले में शुमार रखने वाले बलिया की माटी की अपनी ही बात है।।।वीडी सावरकार ने जिस आंदोलन को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संघर्ष कहा उस संघर्ष के जन्मदाता मंगल पांडेय का अस्तित्व भी इसी स्थान से है।।

आज की शताब्दी में देखें तो कद्दावर नेत्री और प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को सम्मान के लिए धूल चटाने वाली महिलाओं की आदर्श स्वाति सिंह भी इसी पावन धरती से सम्बद्ध रखती हैं।।।

पावन बलिया धरती की सोंधी सुगंध को विश्व में महकाने का काम कर रही हैं युवा नारी शक्ति की आदर्श स्मृति सिंह जो की हॉल ही में मुख्यमंत्री जी द्वारा रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित हुईं हैं,अपने मोहक मुश्कान और सादगी से सबकी चहेती स्मृति ने ग्राम प्रधानी चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जित दर्ज की थी और लोगों का ये भृम तोड़ा की ग्रामीण राजनीती अनुभवी और बुजुर्गों की बपौती है।।।

स्मृति सिंह का जन्म लखनऊ में हुआ था,इन्होंने शिक्षा दीक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की।।इनके पिता अखंड सिंह 3 बार के ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं उन्होंने पग पग पर इनका मान बढ़ाया और इस काबिल बनाया की इन्हें देख हर बाप कहे की मुझे ऐसे ही बेटी चाहिए।।।।

अपने पिता को आदर्श मानने वालीं स्मृति ने अपने पिता अखंडा नन्द से
राजनीती के गुर तो सिख लिए बस इसे आजमाना बाकी था ।।परन्तु 18 फ़रवरी 2015 में पिता का साथ छुट गया जब तक कुछ सम्भल पाती तब तक माँ ने भी अकेला छोड़ वैकुण्ठ धाम चलीं गयी।।।

इस ह्रदय विदारक घटना ने स्मृति को पूरी तरह तोड़ दिया पर भाई और दीदी ने इन्हें उम्मीद की नयी किरण प्रदान की जिससे इन्हें नयी जीने की राह मिली ।।।इनको प्रोत्साहित कर चुनाव मैदान में उतारा मगर पथिक की डगर आसान न थी सामने थे 11 योद्धा जिसका तोड़ बखूबी इस वीरांगना ने निकाला और इतिहास रच दिया।।।।

प्रदेश में सबसे जादा मतों से चुनाव जीत कर प्राप्त कर पूर्व मुख्यमंत्री से सम्मानित हुई,तब भी इनका सफ़र नहीं रुका और रानी लक्ष्मी बाई से पुरुस्कृत हुई और इस बार भी पूर्व मुख्यमंत्री जी द्वारा।।।

इन्हें सार्क मुख्यालय से महिला दिवस पर 8 मार्च 2017 में पुरस्कार प्रदान किया गया जो की इनकी बड़ी उपलब्धि है।।।

मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुकी स्मृति के द्वारा ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्रोग्राम में ब्लॉक स्तरीय पहला पुरस्कार प्राप्त हुआ,

प्रधानी करने के दौरान तमाम आलोचकों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ते हुए स्मृति ने अपने गांव में पहला रूरल RO एटीएम वाटर कूलर स्थापित करवाया, भारत का पहला RO वाटर पूनम प्लांट कॉलेज में अपने फंड से स्थापित करवाया।।।

गाँव में बच्चों को न्यू इंडिया से जोड़ते हुए उन्हें मुफ्त कंप्यूटर कि शिक्षा देने का फैसला किया और उन्हें वह सुविधा मुहैया कराई जिससे वह आधुनिक भारत से कदम से कदम मिला सके।।

स्मृति की उपलब्धियां यहीं तक नहीं खत्म होती है बल्कि उन्होंने मुफ्त लाइफ इंश्योरेंस भी ग्रामीणों का करवाया और उन जरूरतमंदों के लिए एक वृद्धा आश्रम की व्यवस्था की जो अपने परिवार के द्वारा ठुकराए गए होते हैं।।

इन्हीं कार्यों को देखते हुए हाल ही में अमर उजाला समाचार पत्र ने नवरत्न प्रधान से भी सम्मानित किया।।

ऐसे ही न जाने कितनी ही उपलब्धियां इस संघर्षशील महिला के साथ जुड़ी हुई है।।।

गोरखपुर टाइम्स के संवाददाता से बात करते हुए स्मृति सिंह ने बताया कि मेरा सपना इस देश, समाज तथा विशेष तौर पर महिलाओं को सशक्त करने का है जो कि अपने आप को असहाय महसूस करती हैं।।। वर्तमान सरकार भी इस संदर्भ में बेहतर कार्य कर रही है और महिलाओं के प्रति धीरे-धीरे लोगों का नजरिया भी बदल रहा है।।।।

नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गोरखपुर टाइम्स इन्हें नित नए शिखर पर चढ़ते हुए देख उज्जवल कामना की आशा करता है।।

Source: Gorakhpur times