सीएम योगी का धमाकेदार एक्शन, बड़े खुलासे देख दंग रह जायेंगे आप, दाने-दाने को मोहताज हुए माफिया…

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सीएम योगी ने सालों से चली आ रही बर्बाद शिक्षा व्यवस्था पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करी थी. सभी परीक्षा ग्रहों में cctv कैमरे से कड़ी नज़र और पुलिस का कड़ा पहरा. यही नहीं जिन शिक्षकों ने भी नक़ल कराई उनपर सीधा FIR दर्ज की गयी.

इस वजह से यूपी में बड़ा नक़ल माफिया का तबाह हुआ. फर्जीवाड़े में लिप्त करीब एक लाख छात्र परीक्षा देने ही नहीं आये. तो वहीँ अब खुद Special Task Force को बड़ी कामयाबी मिली है जिसमे बेहद हैरत अंगेज़ का खुलासा सामंने आया है.

योगी राज में बड़ा एक्शन, माफिया का भंडाफोड़ से हुआ खुलासा

अभी मिल रही खबर के मुताबिक नक़ल माफिया बुरी तरह बौखला उठे हैं क्यूंकि योगी सरकार ने उनका जीना हराम कर दिया है. उत्तर प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस परीक्षाओं तथा अन्य महाविद्यालयों की स्नातन, परास्नातक, एलएलबी सहित परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने वाले बड़े नक़ल माफिया गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सदस्यों की गिरफ़्तारी करी है.

अखिलेश सरकार में पले बढे माफिया

इस गिरोह के खुलासे को देख आपकी भी आखें फटी रह जाएंगी. अखिलेश सरकार के दौरान मज़े में रह रहे नक़ल माफिया ने साल 2014, 2015, 2016 और 2017 में छह सौ से ज्यादा गैर मेधावी छात्र इस गोरखधंधे के जरिए पासआउट होकर डॉक्टर भी बन चुके हैं. स्पेशल फाॅर्स अब पता लगा रही है कि किन कॉलेजों में किस-किस छात्र की कॉपियां बदली गईं. इसके बाद इन पासआउट छात्रों को भी साजिश का आरोपी बनाया जाएगा.

आम ज़िन्दगी के साथ खिलवाड़

अब ज़रा सोचिये, ऐसे छात्र बड़े फर्जीवाड़े से जब छात्र डॉक्टर बनेगे तो क्या तो वो लोगो का इलाज करेंगे. क्या ये आम आमदी की ज़िन्दगी से बहुत बड़ा खिलवाड़ नहीं है. पिछली सरकार में मज़े से पल रहे ये नक़ल माफिया दवारा बनाये गए डॉक्टर की वजह से ही BRD हॉस्पिटल जैसे कांड होते हैं जब छोटे छोटे बच्चे मौत की नींद सो जाते हैं. इनमे से ही कोई फर्जी डॉक्टर कल फिर डॉक्टर कफील बनकर खड़ा होगा और अन्य मौतों का ज़िम्मेदार होगा.

ये फर्जी डॉक्टर उस पेड़ का वो बीज हैं जिसे बोया तो साल 2014 में गया था लेकिन अगर आज इनका पर्दाफाश नहीं होता तो ना जाने ये कितनी ज़िन्दगी के साथ जुआ खेल रहे होते. और ना जाने अभी कितने और झोलाछाप फर्जी डॉक्टर कितने राज्यों में घूम रहे होंगे.

इस घोटाले पर पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा एसटीएफ को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से सम्बद्ध मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस परीक्षाओं तथा महाविद्यालयों की स्नातक, परास्नातक, एलएलबी सहित अन्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं.

शामिल थे विश्वविद्यालय के कर्मचारी

मुखबिर की सूचना पर मेडिकल क्षेत्र में दुर्गापुरम, गढ़ हापुड़ रोड बन रहे मकान पर मेरठ पुलिस के साथ रात डेढ़ बजे छापा मारकर बिजनौर के मूल निवासी कविराज को गिरफ्तार कर लिया. इसके पास से विश्वविद्यालय से सम्बद्ध मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराज मन्सूरपुर की एमबीबीएस की द्वितीय वर्ष की परीक्षा की लिखी हुई दो उत्तर पुस्तिका बरामद हुई.

गिरफ्तार आरोपी कविराज ने पूछताछ में बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यलाय के उत्तर पुस्तिका अनुभाग एवं अन्य अनुभागों के कर्मचारी संदीप, पवन तथा कपिल उसके साथ शामिल हैं. ये लोग विश्वविद्यालय में बाहर से लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाओं को बदल देते हैं.

चला रहे थे बड़े स्तर पर गोरखधंधा

कविराज ने बताया कि एमबीबीएस के छात्रों से एक पेपर की उत्तर पुस्तिका बदलने के एवज में एक लाख बीस हजार से लेकर एक लाख पचास हजार रुपए तक वसूलते हैं. इसमें से दस हजार रुपए विश्वविद्यालय की खाली उत्तर पुस्तिका लाने के लिए संदीप को दिए जाते हैं. पैंतीस हजार रुपए से लेकर पैंसठ हजार रुपए तक लिखित उत्तर पुस्तिका बदलने के लिए पवन एवं कपिल को दिए जाते हैं.

उसने बताया कि संदीप विश्वविद्यालय से खाली उत्तर पुस्तिकाएं लाकर उसे देता है तथा इन उत्तर पुस्तिकाओं को छात्रों से लिखवाकर वह उन्हें पवन तथा कपिल को दे देता है. पवन एवं कपिल उन उत्तर पुस्तिकाओं के ऊपर के पेज को मूल उत्तर पुस्तिका के ऊपर के पेज को बदलकर पन्च करके उत्तर पुस्तिका अनुभाग में रख देते हैं।

Source: Gorakhpur times