Supreme court : प्राधिकरण में 19 कर्मचारियों की तैनाती अवैध, किए गए बर्खास्त

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नोएडा: आरक्षण का लाभ देकर दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी देने के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना था। लिहाजा नोएडा प्राधिकरण ने ऐसे 19 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह सभी कर्मचारी 2002 में बसपा के शासनकाल में प्राधिकरण में नियुक्त किए गए थे। नियुक्ति का यह खेल सिर्फ नोएडा प्राधिकरण में नहीं बल्कि ग्रेटरनोएडा व यमुना प्राधिकरण में भी ऐसे कई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। प्राधिकरण ने बर्खास्तगी का आदेश 15 मार्च को जारी किया था।

कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर काफी समय से लोगों द्वारा शिकायत की जा रही थी। जिसकी जांच भी प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा की जा रही थी। प्राधिकरण ने इस मामले में पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इन कर्मचारियों को हाइकोर्ट से स्टे मिल गया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। प्राधिकरण की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है।

बर्खास्त होने वाली कर्मचारियों में वर्क मिस्त्री प्रसाद कुरील, बेलदार पुनीत कुमार कोविंद, क्लीनर महेंद्र सिंह, उद्यान कर्मी अशोक कुमार , विकास, मदनपाल, बेलदार रमेश्वर दयाल सहायक लेखाकार, जोगिंदर कुमार चौकीदार, राकेश कुमार सफाई कर्मी, भगत राज सिंह नियोजक सहायक, संदीप गौतम डाटा एंट्री , जितेंद्र कुमार , धमेंद्र कुमार के अलावा महावीर ठाकुरी, जसविंदर दास है। इसके अलावा तीन अन्य कर्मचारियों की सेवाएं 26 मार्च को ही समाप्त कर दी गई थी। इनके नाम लेखराज सिंह सहायक मैकेनिक कम आपरेटर, गिरधारी लाल ड्राफ्ट मैन, विजय कुमार सहायक मैकेनिक कम आपरेटर है।

सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। यह सभी अन्य राज्यों के है। जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्राधिकरण में नौकरी हासिल की थी।

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Source: Hindi Newstrack