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दावा अधूरा: प्राधिकरण ने जारी किए सिर्फ 12 हजार 643 फ्लैटों के कंप्लीशन

नोएडा: प्राधिकरण अपने एक वित्तीय वर्ष में महज 12 हजार 643 फ्लैटों के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर सकी है। जबकि इतनी संख्या फ्लैटों का कंपलीशन जारी करने का टारगेट दो महीने में दिया गया था। यह लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ के मंत्रियों की समिति ने दिया था। जिसे दिसंबर 2017 तक पूरा करना था।

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दिसंबर-2017 से मार्च-2018 तक दोबारा 12 हजार 500 नए फ्लैटो के कंप्लीशन का नया लक्ष्य दिया गया। यहा दावों के बिल्कुल विपरीत न तो बिल्डरों में सख्ती बरती गई और न ही निवेशकों के हितो का ध्यान रखा गया।
मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप 31 दिसंबर तक तीनो प्राधिकरण को कुल 50 हजार निवेशकों को फ्लैटों की चाबी दी जानी थी। इसके लिए जरूरी है कंप्लीशन सर्टिफिकेट।

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यह सर्टिफिकेट प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाते है। सत्ता बदलने के बाद तमाम शिकायतों का निस्तारण व निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए नोएडा प्राधिकरण को दो महीने में कुल 12500 फ्लैटों का लक्ष्य दिया गया। प्राधिकरण ने इस लक्ष्य में ही गड़बड़ झाला करते हुए पूरे वित्तीय वर्ष में दिए गए कंप्लीशन को मिलाकर एक सूची तैयार की। जिसमे एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक कुल 12 हजार 643 फ्लैटों का कंप्लीशन दिखाकर वाहवाही लूट ली। जबकि निवेशक प्राधिकरण के चक्कर काटते रहे। निवेशकों ने आरोप लगाया कि उन्हें फ्लैट चाहिए।

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प्राधिकरण प्रत्येक बैठक में निवेशकों को आश्वासन दिया कि वह बिल्डरों पर सख्ती बरत रहे है। ताकि वह जल्द से जल्द कंपलीशन के लिए आवेदन करे। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। नया लक्ष्य मार्च 2018 तक का दिया गया। जिसमे मुख्यमंत्री ने 12500 फ्लैटों का नया लक्ष्य प्राधिकरण को दिया। नए लक्ष्य की शुरुआत जनवरी 2018 से हुई। आकड़ों को देखे तो जनवरी 2018 से मार्च 2018 तक प्राधिकरण ने कुल 4013 फ्लैटों के लिए बिल्डरों को कंपलीशन जारी किया गया। ऐसे में प्राधिकरण न तो पहला लक्ष्य पूरा कर सका और न ही नया लक्ष्य।

34 बिल्डर 90 परियोजना काम अधूरा
नोएडा में कुल 34 बिल्डरों द्वारा 90 परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसमे से महज 20 बिल्डर ऐसे है जिन्होंने गत वित्तीय वर्ष में फ्लैटों के कंपलीशन के लिए आवेदन किया। बाकी बिल्डरों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया था। हाल ही में मुख्य सचिव ने नोएडा में एक प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट कहा था कि जो बिल्डर न तो फ्लैट बना रहे है और न ही कंपलीशन के लिए आवेदन किए है उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर होती दिख रही है।

500 से ज्यादा फ्लैटों के लिए आवेदन करने वाले बिल्डर (2017-2018)
बिल्डर                                                   प्रोजेक्ट(प्लाट)                 फ्लैट
जेपी इंफ्राटेक लि.                                       अमन                           654
एम/एस काउंटी                                         जीएच-5                        770
एम/एस जीएस प्रमोटरस प्रा.लि.                      जीएच-01सी                     554
सुपरटेक लि.                                             जीएच-01ए                    601
कलरफुल स्टेट प्रा.लि.                                   जीएच-04बी                   909
एम्स प्रमोटर लि.                                        जीएच-02                      562
पेन रिलेटर प्रा. लि.                                      जीएच-01                     2051
जेपी इंफ्राटेक                                             जेपी अमन                     672

एक ही बिल्डर ने कई बार किया आवेदन
पजेशन के लिए एक ही बिल्डर ने कई बार सीसी के लिए आवेदन किया। ऐसे में कुल 20 बिल्डर ही जिन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवेदन किया। इनमे 12 से ज्यादा ऐसे बिल्डर है जिन्होंने पूरे वित्तीय वर्ष में 500 फ्लैटों का लक्ष्य भी प्राप्त नहीं कर सके। जाहिर है प्राधिकरण की सख्ती व शासन का डर बिल्डरों के अंदर से समाप्त हो चुका है।

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Source: Hindi Newstrack

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