गोरखपुर में टेंडर फंडिंग मामले के बाद, अब नेपाल में शुरू हुआ एक्शन …

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टेरर फंडिंग के मामले में गोरखपुर के बाद अब नेपाल में भी हवाला कारोबारियों की धर-पकड़ शुरू हो गई है. बीते दिनों नेपाल के कैसीनो (जुआघर) से हुई हवाला कारोबारियों की धरपकड़ के बाद अब साफ हो गया है कि काठमांडू और भैरहवा का कैसीनो अब अंतरराष्ट्रीय अपराधियों का सराय बन गया है. टेरर फंडिंग का मामला सामने आने के बाद भैरहवा के एक कैसीनो से तीन उज्बेक महिलाओं के साथ सोनौली के बबलू सिद्दिकी को गिरफ्तार किया गया. वहीं, नेपाल के तमाम कैसीनो पर सुरक्षा एजेंसियों की छापामारी जारी है.

पकड़े गए बदमाशों से हुआ खुलासा

जानकारों के मुताबिक, बीते दिनों नेपाल में रोजन निवासी जारा सोनौली का पकड़ा गया. इसके बाद मंसूर, नौतनवा के सद्दाम उर्फ अफजल परसोइया व रुपन्देही भैरहवा के निजाबुदिन को हिरासत में लेने के बाद से ही सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि यहां से नेपाल तक के हवाला कारोबारियों में हड़कंप मचा है. नेपाल पुलिस के मुताबिक, इन सभी के तार हवाला कारोबार व हाइप्रोफाइल देह व्यापार से जुड़े हैं. वहीं यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी का कहीं न कहीं से कैसीनो कनेक्शन है.

कोडवर्ड बता कैसीनो में करते हैं इंट्री

दरअसल नेपाल स्थित कैसीनो में सिर्फ भारतीय नागरिकों के प्रवेश की अनुमति होती है. इसके लिए महज एक आईडी (निर्वाचन कार्ड, आधारकार्ड, पेन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) दिखाकर जुआघरों में इंट्री मिल जाती है. जुआघरों में नियमित आने वाले लोगों को कोडवर्ड दिए गए हैं, जो बिना किसी आईडी के सिर्फ कोडवर्ड बताकर कैसीनो में इंट्री पा जाते थे. वहीं, नेपाल पुलिस के जानकारों के मुताबिक बीते दिनों देह व्यापार व हवाला कारोबार से जुड़े व्यापारी की हत्या के मामले में जो भारतीय बदमाश पकड़े गए हैं, वह कैसीनो के कोडवर्ड होल्डर थे. इनमें बबलू सिद्दिकी व रोजन पर भारत में भी कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.

गोरखपुर से हुई थी छह गिरफ्तारी

24 मार्च को टेरर फंडिंग के मामले में एटीएस ने गोरखपुर सहित अलग-अलग शहरों से दस लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें से शहर के दो मोबाइल कारोबारी भाईयों सहित छह लोगों को एटीएस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ था कि हवाला कारोबार के जरिए टेरर फंडिंग का खेल देश भर में चल रहा है. इसमें शहर के तीन बड़े व्यापारियों के नाम सामने आने के बाद एटीएस ने उनसे भी पूछताछ की थी. वहीं, एटीएस ने अब तक की पड़ताल में इस धंधे का नेपाल कनेक्शन भी निकाल लिया है. एटीएस के मुताबिक, शहर के एक बड़े व्यापारी का भाई जो नेपाल में कैसीनो चलता है, वही इस धंधे का मास्टमाइंड है. देश भर के सैकड़ों बैंक खातों में घुमाकर टेरर फंडिंग की रकम नेपाल में इक्कठा की जाती थी. एटीएस की सूचना पर नेपाल में हवाला कारोबारियों के खिलाफ शिकंजा कसना अब शुरू हो गया है.

Source: Gorakhpur times e desk