‘सच्चर कमेटी’ की वजह से रहे सुर्खियों में, बताया था देश में मुसलमानों की स्थिति

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लखनऊ: दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजिंदर सच्चर का शुक्रवार (20 अप्रैल) को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। राजिंदर सच्चर को भारत सरकार ने 9 मार्च, 2005 को देश के मुसलमानों के तथाकथित सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का मुखिया बनाया था। इस कमेटी की वजह से राजिंदर सच्चर काफी लोकप्रिय रहे थे।

राजिन्द्र सच्चर की अध्यक्षता में इस कमेटी ने मुसलमानों की आर्थिक गतिविधियों के भौगोलिक स्वरूप, उनकी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर, संपत्ति एवं आय का ज़रिया, बैंकों से मिलने वाली आर्थिक सहायता तथा सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की पड़ताल की थी। बता दें, कि इस कमेटी को ‘सच्चर कमेटी’ के नाम से जाना गया था।

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देश में मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक दशा जानने के लिए तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने 2005 में दिल्ली हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजिंदर सच्चर की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। सच्चर कमिटी की 403 पेज की रिपोर्ट को 30 नवंबर, 2006 को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद पहली बार देश को मालूम हुआ था कि भारतीय मुसलमानों की स्थिति अनुसूचित जाति-जनजाति से भी खराब है।

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Source: Hindi Newstrack