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मोदीशाही : भारत के इतिहास में पहली बार, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव आया !

 

दिल्ली : देश की जनता के लिए न्याय का मंदिर कही जाने वाली अदालतें भी क्या अब सरकार के दबाव में काम करती हैं, अभी तक तो CBI जैसी संस्थाओं पर ही सरकार का अप्रत्यक्ष अंकुश होने की बात होती थी। मोदी सरकार के राज में CBI,चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा सरकार और उनसे जुड़े हुए लोगों के पक्ष में काम करने के आरोप लगे हैं, वहीँ अब देश के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और सुप्रीम कोर्ट के अन्य कई जजों पर अपने पद के साथ इन्साफ ना करने के और सरकार के पक्ष में काम करने के आरोप लगे हैं। बता दें कि इसी के चलते चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष सहमत हो गया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस समेत 7 पार्टियां राजी हुई हैं और इस पर 64 सांसदों ने हस्ताक्षर किये हैं। हालांकि पहले 71 सांसदों ने हस्ताक्षर किये थे लेकिन कुछ समय पहले 7 सांसद रिटायर हो गए।

कांग्रेस को इस मसले पर समर्थन देने वाली पार्टियों में समाजवादी पार्टी, बसपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीएम और मुस्लिम लीग शामिल है। इन सभी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति को प्रस्ताव दिया है। विपक्षी नेताओं में गुलाम नबी आजाद, केटीएस तुलसी, अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल, एनसीपी की वंदना चौहान, सीपीआई के डी. राजा शामिल हैं।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 5 बिंदुओ के आधार पर महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है और CJI को हटाने की मांग की है। इसलिए राज्यसभा के सभापति प्रस्ताव को स्वीकार करें।आपको बता दें कि कांग्रेस ने “जज लोया” के मामले में फैसला आने के बाद अपने मंच से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग पर फिलहाल कुछ कहने से इंकार कर दिया था। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने विपक्षी दलों के सभी प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया था। बैठक में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जानी थी।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि जब से दीपक मिश्रा CJI बने थे तब से उन पर सवाल उठ रहे थे। जब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों को भी यह लग रहा है कि न्याय व्यवस्था खतरे में है तो क्या देश को इस मसले पर कुछ नहीं करना चाहिए। गौरतलब है कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों ने प्रेस करके देश के सामने बताया कि देश का लोकतंत्र आज खतरे में है क्योंकि न्याय प्रणाली दबाव में तथा नियमों के विपरीत जाकर काम कर रहे हैं। इस तरह के कार्यों से से देश की जनता का न्याय पर से विश्वास उठ जाएगा।

देश का लोकतंत्र खतरे में – सुप्रीम कोर्ट के जजों ने किया बड़ा खुलासा, सरकार में मचा हड़कंप !

Source: Indiakinews