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इधर राम लीला मैदान में ताल टूटेगा उधर केदार नाथ के दर्शन करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ दर्शन पूजन करके जहां हिन्दुत्व के मुद्दे पर गवर्नमेंट के दृष्टिकोण को स्पष्ट करने का फैसला लिया है, वहीं कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी नयी दिल्ली के ऐतिहासिक राम लीला मैदान में जन आक्रोश रैली को संबोधित करेंगे. यह दोनों ही प्रोग्राम रविवार 29 अप्रैल को होने हैं. 29 अप्रैल को केदार नाथ के कपाट खुलेंगे.
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ऐसे में केदारनाथ धाम का बीजेपी शासित 19 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ दर्शन पूजन आस्था से जुड़ा मसला है. वहीं राहुल गांधी केन्द्र गवर्नमेंट द्वारा जनता के बीच में अपना इस्तकबाल खो चुकने को लेकर आवाज बुलंद करेंगे. राजनीतिक गलियारे में इन दोनों ही कार्यक्रमों को कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

पीएम 27-28 अप्रैल को चाइना के वुहान शहर में होंगे. वहां वह संघाई योगदान संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं. वहां से लौटने के बाद पीएम 29 अप्रैल केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौका पर वहां दर्शन पूजन के लिए जाएंगे. वहां जाने से पहले पीएम ने बुधवार 25 अप्रैल को अपने ऑफिस से केदार नाथ धाम के पुननिर्माण कार्यों का जायजा लिया.

पीएम के साथ 18 राज्यों के CM भी 29 अप्रैल को उत्तराखंड में होंगे. उत्तराखंड के CM त्रिवेन्द्र रावत इसके मामले में बहुत ज्यादा उत्साहित हैं  सूत्र बताते हैं कि तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.केदारनाथ धाम का दर्शन करने के बाद पीएम कर्नाटक के चुनाव प्रचार अभियान को धार देंगे. वह एक दिन के अंतराल पर 12 मई को होने वाले मतदान से अच्छा पहले तक कर्नाटक में हर रोज करीब दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे.

कांग्रेस को दिखाएंगे आईना

कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि पीएम नरेन्द्र मोदी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की जनता के बीच में बढ़ रही लोकप्रियता से घबराए हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी हर रोज मंदिर में दर्शन करते थे  इसके बाद राज्य में चुनाव प्रचार के लिए निकलते थे. राहुल ने यह सिलसिला कर्नाटक में जारी रखा  मंदिरों मठों में लगातार पूजा अर्चना करने जा रहे हैं.

कांग्रेस के नेताओं के अनुसार गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे ने बीजेपी के माथे पर बल ला दिया है. इसलिए कर्नाट में चुनाव मतदान की तारीख नजदीक देखकर पीएम 19 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ केदारनाथ जा रहे हैं. ताकि बीजेपी वोटों के ध्रुवीकरण के लक्ष्य को साथ सके.

राहुल ने भी कसी कमर

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी छह बार कर्नाटक का दौरा कर चुके हैं. वह एक बार राज्य के सभी 30 जिलों का लक्ष्य करके चुनाव प्रचार कर चुके हैं. प्रत्याशियों की घोषणा के बाद कल वह पहली बार कर्नाटक में होंगे. इससे पहले कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने नयी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दलित उत्पीडन को केन्द्र में रखकर संविधान बचाओं प्रोग्राम में केन्द्र गवर्नमेंट को घेर चुके हैं.

इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष 29 अप्रैल को जन आक्रोश रैली को संबोधित करने जा रहे हैं.कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष की इस जनसभा को लेकर पार्टी के नेता बहुत ज्यादा उत्साहित हैं. उन्हें उम्मीद है कि रामलीला मैदान में उमड़ने वाली भीड़ पूरे राष्ट्र में केन्द्र गवर्नमेंट के विरूद्ध बड़ा संदेश देगी.इसके लिए आस-पास के राज्यों के नेता सक्रिय हो गए हैं.

कांग्रेस के लिए इम्तहान की घड़ी

कांग्रेस के लिए इम्तहान की घड़ी प्रारम्भ हो गई है. पार्टी के तमाम बड़े नेता कर्नाटक के लगातार दौरे पर हैं. कर्नाटक में पांच वर्ष शासन करने के बाद भी CM सिद्धारमैया की गवर्नमेंट के विरूद्ध गवर्नमेंट विरोधी लहर की क्षीण स्थिति देखकर पार्टी के रणनीतिकार खुश हैं, लेकिन इसके बावजूद अनजाना सा डर उन्हें घेरे है. वह डर अपने ही नेताओं से जुड़ा है. पार्टी के एक महासचिव बुधवार 25 अप्रैल को भी पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिए गए वक्तव्य पर उन्हें कोस रहे थे.

बताते हैं आगे से इस तरह की कोई चूक न होने के लिए राहुल गांधी ने अपने नेताओं को ताकीद किया है. इससे पहले दलित उत्पीडन के क्रम में राजघाट पर एक दिन के उपवास के दौरान भी कांग्रेस पार्टीनेताओं छोला-भटूरा खाकर पार्टी की किरकिरी कराई थी. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर के बयानों ने पार्टी को बहुत ज्यादा छकाया था. इन सभी को लेकर कांग्रेस पार्टीअध्यक्ष बहुत ज्यादा कठोर मूड में बताए जा रहे हैं.

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Source: Purvanchal media