Sports

कुशीनगर रेल दुर्घटना:- तीसरा निकाह किया था सिर्फ बच्चों के लिए, पर काल के गाल में समा गए मैनुद्दीन के दो बच्चे..

तीसरा निकाह किया था बच्चों के लिए और काल के गाल में समा लिए दो बच्चों कोकुशीनगर के दुदही क्षेत्र के अंतर्गत हृदय विदारक घटना ने पूरे भारत को हिला कर रख दिया मात्र एक लापरवाही के कारण कई परिवारों के घर मातम पसर गया गोरखपुर टाइम्स के द्वारा ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए शोक में डूबे परिजनों से उन मासूम बच्चों का हाल और परिवार का हाल जानना चाहा तो कुछ ऐसी बातें सामने निकल कर आई जो कि इस पीड़ा को और बढ़ा देती हैं परंतु होनी को टाल भी कौन सकता है….हम बात कर रहे हैं मैनुद्दीन की मैनुद्दीन का निकाह तीन बार हुआ है बताया जा रहा है कि पहली और दूसरी पत्नी से मैनुद्दीन को कोई औलाद नहीं प्राप्त हुई थी औलाद की इच्छा ने मैनुद्दीन को तीसरा विवाह करने पर मजबूर कर दिया … आखिरकार मैनुद्दीन ने तीसरा निकाह करके औलाद की जो इच्छा थी वह अपनी नई दुल्हन(तीसरी पत्नी) से पूरी कर ली समय बढ़ता गया और मैनुद्दीन के तीन बच्चे हुए मिराज मुस्कान और महताब धीरे-धीरे बड़े होने लगे और आखिरकार 26 तारीख की सुबह ने इन 3 बच्चों में से दो को काल के गाल में समा लिया…
एक दर्दनाक घटना ने आखिरकार मैनुद्दीन के दो बच्चों मिराज और मुस्कान को मृत्यु के आगोश में सुला दिया अब मैनुद्दीन के परिवार में मात्र 4 वर्षीय महताब बचा हुआ है जो अपनी मासूम निगाहों से अपनी रोती-बिलखती मां को देख अचंभित रह जाता है कि यह मेरे घर मातम क्यों मनाया जा रहा है…..मैनुद्दीन की पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है और घर के बाहर एक सन्नाटा फैला हुआ है और उस सन्नाटे को चीरते हुए सिर्फ एक आवाज सुनाई दे रही है वह है माता आपकी मां की रोने और बिलखने की

Source: Gorakhpur times

Samvadata
Samvadata.com is the multi sources news platform.
http://Samvadata.com