National

सीता मां से जुड़ी है यह जगह, यहांआने से कुंवारी कन्याओं को मिलता है मनवांछित वर

जयपुर:नेपाल का जानकी मंदिर माता को समर्पित है। जानकी मंदिर को जनकपुरधाम के नाम से भी जाना जाता है। जानकी मंदिर की विशालता भक्तों को अचंभित करती है। मान्यताओं के अनुसार टीकमगढ़ की रानी ने इस मंदिर का निर्माण 1911 में करवाया था। जानकी मंदिर परिसर के आसपास सैकड़ों तालाब हैं। साथ ही इस मंदिर में कई कुंड भी मौजूद हैं। यहां का गंगासागर तालाब, परशुराम कुंड और धनुष सागर आज भी आकर्षण का केंद्र है। माता सीता आपने विवाह से पूर्व इस स्थान पर रहती थीं। वर्ष 1657 में एक संन्यासी को यहां पर सीता माता की एक मूर्ति मिली थी।

यह पढ़ें…नेपाल के जनकपुर से PM मोदी शुरू करेंगे बस सेवा, स्वागत के लिए अयोध्या तैयार

जिसके बाद संन्यासी शुरकिशोरदास ने आधुनिक जनकपुर की स्थापना की थी। मान्यता यह भी है कि इसी स्थान पर राजा जनक ने शिव-धनुष के लिए तप किया था। भगवान राम ने भी इसी स्थान पर शिव धनुष को तोड़ा था। इस मंदिर में मौजूद एक पत्थर के टुकड़े को उसी धनुष का अवशेष कहा जाता है। विवाह पंचमी के अवसर पर लोग लाखों की संख्या में दर्शन को आते हैं।कुंवारी कन्याओं के संदर्भ में ऐसी मान्यता है कि विवाह पंचमी के दिन इस मंदिर के दर्शन से मनवांछित वर की प्राप्ति है। यहां धनुषा नाम से विवाह मंडप स्‍थित है। इस मंदिर में विवाह पंचमी के दिन पूरी रीति-रिवाज से राम-जानकी का विवाह किया जाता है। यहां से 14 किलोमीटर ‘उत्तर धनुषा’ नाम का स्थान है। जिसे एक बड़े पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है।

The post सीता मां से जुड़ी है यह जगह, यहांआने से कुंवारी कन्याओं को मिलता है मनवांछित वर appeared first on NewsTrack.

Source: Hindi Newstrack

Samvadata
Samvadata.com is the multi sources news platform.
http://Samvadata.com