हिंदी संस्थान ने पुरस्कारों की राशि बढ़ाई, अब 20 साहित्यकारों को मिलेगा साहित्यभूषण

National

लखनऊ: उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान अब लेखकों को पुरस्कार और सम्मान राशि को बढ़ाने के साथ विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की शुरुआत करेगा। यह फैसला संस्थान का बजट दो करोड़ से बढ़कर छह करोड़ होने पर लिया गया। अब साहित्यभूषण सम्मान दस के बजाय बीस साहित्यकारों को दिए जाएंगे। इस सम्मान राशि एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।

गरीबों को जीवन की ज्योति बाँट रहा यह मोबाइल अस्पताल

यह जानकारी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो सदानंद गुप्त ने दी। उन्होंने बताया कि हिन्दी विदेश प्रसार सम्मान की राशि एक लाख से बढ़ाकर दो लाख हो गई है। विश्वविद्यालय सम्मान की धनराशि पचास हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। इसको अब पंडित मदनमोहन मालवीय विश्वविद्यालय सम्मान के नाम से जाना जाएगा।

IPL 2018: CSK vs SRH : चेन्नई ने टॉस जीता, गेंदबाजी का फैसला

प्रो. सदानंद ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा दी गई धनराशि से दिए जाने वाले पंडित कृष्ण बिहारी बाजपेयी पुरस्कार को संस्थान की योजना में शामिल कर लिया गया है। यह पुरस्कार अटल बिहारी बाजपेयी के पिता कृष्ण बिहारी बाजपेयी की स्मृति में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावियों को दिया जाता है। जिसमें हाईस्कूल के दो स्टूडेंट्स को पच्चीस हजार और इंटरमीडिएट के दो स्टूडेंट्स को पैंतीस हजार रुपये दिए जाएंगे। इन मेधावियों का चयन अब माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश सचिव करेंगे।

ये BJP सांसद अपनी सरकार के खिलाफ 15 मई से धरने पर, जानिए क्या करना है हासिल

पुरस्कारों की बढ़ी धनराशि
संस्थान की ओर से दिए जाने वाले 34 विधाओं में वर्ष विशेष में प्रकाशित पुस्तकों पर नामित एवं सर्जना पुरस्कार दिया जाता रहा है। अब इनकी संख्या 38 कर दी गई है। वहीं, सर्जना पुरस्कार की राशि 20 हजार से 40 हजार और नामित पुरस्कार राशि 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है। इसमें चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र में पंडित सत्यनारायण शास्त्री नामित पुरस्कार, डॉ सतीश चंद्र राय सर्जना पुरस्कार शामिल है। गजल के क्षेत्र में ‘दुष्यंत कुमार नामित पुरस्कार’और ‘अदम गोड़वीं सर्जना पुरस्कार’ दिया जाएगा। आत्मकथा और जीवनी के लिए ‘पांडेय बेचन शर्मा उग्र नामित पुरस्कार, ‘विष्णु प्रभाकर सर्जना पुरस्कार’, ललित कला और संगीत के क्षेत्र में ‘गिरिजादेवी नामित पुरस्कार’, ‘डीपी धूलीया सर्जना पुरस्कार’ दिया जाएगा।

JDS को पटाने की कोशिश! सिद्धारमैया- दलित के लिए CM पद छोड़ने को तैयार

अब पत्रिका को मिलेगा सम्मान
संस्थान द्वारा मासिक/द्वैमासिक/त्रैमासिक पत्रिकाओं पर सरस्वती नामित पुरस्कार एवं धर्मयुग सर्जना पुरस्कार अब पत्रिका के सम्पादक के बजाय पुरस्कार सीधे पत्रिका को प्रदान किया जाएगा। चूंकि पुस्तकों के लिए पुरस्कार राज्य स्तर पर दिए जाते हैं। ऐसे में वे साहित्यकार चुने जाते हैं जिनका प्रदेश में जन्म हुआ हो या पिछले दस साल से यहां निवास कर रहे हों। इसलिए संस्थान अब पुस्तक की प्रविष्टि के साथ रचनाकार का जन्म स्थान और प्रदेश में निवास के लिए शपथ-पत्र देना होगा।

HAPPY BIRTHDAY : 1 बेटी 2 बेटों की मां हैं सनी लियोनी, क्यों बनीं पोर्न स्टार

हिन्दी प्रोत्साहन के लिए होंगी कार्यशाला
प्रो सदानंद ने बताया कि 18 से 35 साल के युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कहानी व कविता प्रतियोगिताएं होंगी। जिसमें सात हजार से दो हजार रुपये पुरस्कार दी जाएगी। वहीं, इंटर और डिग्री कॉलेज में आशु निबंध प्रतियोगिता करवाई जाएंगी। पांच से आठ साल वर्षीय बच्चों के लिए हिन्दी पर केंद्रित अंताक्षरी प्रतियोगिता होंगी।

The post हिंदी संस्थान ने पुरस्कारों की राशि बढ़ाई, अब 20 साहित्यकारों को मिलेगा साहित्यभूषण appeared first on NewsTrack.

Source: Hindi Newstrack