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उन्नाव कांड : CBI ने माखी के तत्कालीन एसएचओ और दरोगा को किया अरेस्ट

लखनऊ : उन्नाव गैंगरेप व हत्याकांड में सीबीआई ने माखी के तत्कालीन एसएचओ अशोक सिंह और दरोगा रमाकांत को अरेस्ट किया हैl सूत्रों के मुताबिक इनके बाद जल्द ही कई और पुलिस अफसरों की भी हो सकती है गिरफ्तारीl

आपको बता दें बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर इस मामले में मुख्य आरोपी हैंl

कुलदीप सेंगर की पहचान उस रसूखदार शख्स के रूप में रही है जो बड़े-बड़े मामलों को चुटकियों में सुलझा देता था। यही वजह रही है कि लोग थाने की तरफ रुख न कर विधायक की कोठी का रास्ता तय करते थे l बड़े-बड़े अधिकारी ट्रांफर, पोस्टिंग के लिए यहां लाइन लगाकर खड़े रहते थेl

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बसपा विधायक के रूप में पहली बार पहुंचे विधानसभा
कुलदीप सिंह सेंगर ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अपने गांव माखी से ही की थी। कुलदीप माखी गांव के प्रधान भी रह चुका है l इसी क्रम में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ज्वाइन की। बसपा मुखिया ने कुलदीप सिंह सेंगर पर भरोसा जताया और सदर विधानसभा सीट के लिए टिकट दिया l कुलदीप भी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे l

…फिर की साइकिल की सवारी
इसके बाद साल 2007 में कुलदीप ने बसपा का दामन छोड़ सपा में शामिल हो गए। तत्कालीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कुलदीप को बांगरमाऊ विधानसभा सीट से टिकट दिया। सेंगर उनके भरोसे पर खड़े उतरे और रिकार्ड वोटों से जीत हासिल की l इसके बाद 2012 में कुलदीप सिंह को सपा ने भगवंत नगर से टिकट दिया और वो तीसरी बार विधायक बने l

विवाद के बाद ‘भगवा’ के साथ
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कुलदीप सेंगर अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाना चाहता था l लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें दरकिनार करते हुए ज्योति राघव को टिकट दे दिया। फिर क्या था, कुलदीप सेंगर ने अखिलेश यादव से बगावत कर अपनी पत्नी संगीता सेंगर को मैदान में उतारा। इस विवाद के बाद ही कुलदीप ने सपा छोड़ बीजेपी ज्वाइन किया। बीजेपी ने 2017 विधानसभा चुनाव में बांगरमाऊ सीट से उन्हें टिकट दिया। कुलदीप सेंगर फिर एक बार जीत दर्ज करते हुए चौथी बार विधानसभा पहुंचे।

अलग-अलग सीट से जीत ने बढ़ाया कद
कुलदीप सेंगर उन्नाव जिले का एक मात्र ऐसा विधायक रहा है जो भगवंत नगर, सदर विधानसभा और दो बार बांगरमाऊ विधानसभा सीट से विधायक रहा है। अलग-अलग सीटों से जीत ने उन्नाव जिले में उसका बड़ा साम्राज्य स्थापित किया। इतने कम समय में कुलदीप का रुतबा ऐसा बढ़ा कि उसकी सभी सरकारी विभागों में पकड़ बनती चली गई। कुलदीप सेंगर की सभी विभागों में ठेकेदारी चलती है l साथ ही, टेम्पो स्टैंड से लेकर साइकिल स्टैंड तक के ठेके सिर्फ कुलदीप सिंह सेंगर के नाम हैंl

बीजेपी सरकार में फिर तेज हुआ खनन कारोबार
इसके साथ ही कुलदीप सिंह सेंगर का खनन का भी बड़ा कारोबार है l कुलदीप के भाई अतुल सिंह और मनोज सिंह इस पूरे कारोबार को देखता है। सपा सरकार में विधानसभा चुनाव से पहले खनन बंद करा दिया गया था l लेकिन प्रदेश में बीजेपी सरकार आने के बाद उसका खनन कारोबार दोबारा शुरू हो गयाl साथ ही उसका वसूली का भी बड़ा कारोबार हैl

क्षत्रिय बहुल है माखी गांव
माखी गांव में रहने वाले प्रह्लाद यादव के मुताबिक, ‘हमारे गांव की आबादी 10,000 के करीब है। इनमें 45 फीसदी क्षत्रिय हैं। शेष पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के लोग हैंl’ कुलदीप सेंगर भी क्षत्रिय समाज से ही आते हैं। उन्होंने बताया कि आज से 18 साल पहले कुलदीप सेंगर को कोई जानता तक नहीं था। बीते डेढ़ दशक में कुलदीप का सितारा इतना बुलंद हुआ कि आज की तारीख में उनकी पहचान किसी से छुपी नहीं है। प्रदेश में किसी की भी सरकार बने, उनका जलवा कायम रहता हैl

थाना से ज्यादा सेंगर के ‘दरबार’ पर भरोसा
कुलदीप सेंगर का जनता दरबार भी सुर्खियों में रहा है। सेंगर के जनता दरबार में फरियादियों का सैलाब उमड़ पड़ता है। फरियादी अपनी-अपनी शिकायत चार घंटे पहले जमा कर देते हैं। इसके बाद एक-एक कर नाम पुकारा जाता है l बड़े-बड़े मामलों को भी जनता दरबार में ही निपटा दिया जाता है। बांगरमाऊ की बात करें तो स्थानीय लोग थाने जाने में कम सेंगर के दरबार में ज्यादा भरोसा जताते हैं।

सेंगर के रुतबे के कायल हैं लोग
लोकेश प्रजापति की मानें, तो ‘जिलावासियों को यह विश्वास है कि कुलदीप सेंगर के एक फोन पर अधिकारी काम करते हैं। यदि उन्होंने किसी अधिकारी को डांट दिया तो वह शाम तक उनसे मिलने जरूर आता है। लोगों को उनका यही रुतबा प्रभावित करता रहा है।’ सेंगर की पहचान गरीबों के मददगार के तौर पर भी रही है।

अतुल का भी रहा है आपराधिक इतिहास
रेप मामले में नाम आने के बाद कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर का नाम सुर्खियों में आया है। आपको बता दें, कि अतुल का कानपुर में भी अपराधिक इतिहास रहा है l साल 2010 अतुल सेंगर ने नशे की हालत में हरबंस मोहल में एक जानवर पर फायर कर दिया था l इस दौरान गोली जानवर को न लगकर एक व्यापारी के लग गई थी l उस वक्त डीआईजी प्रेम प्रकाश ने अतुल सेंगर पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था l इसके बाद अतुल सेंगर पर नशे की हालत में हवाई फायरिंग करने का भी मुकदमा दर्ज है।

 

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Source: Hindi Newstrack

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