कांग्रेस विधायकों का आरामगाह बना इगलटन रिजॉर्ट फिर चर्चा में

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बेंगलुरू : देश के महंगे रिजार्ट में एक बेंगलुरू का इगलटन रिजॉर्ट एक बार फिर चर्चा में है । पिछले साल गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव में यह रिजॉर्ट चर्चा में आया था जब कांग्रेस ने अपने विधायकों को हार्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए इस रिजॉर्ट में एक तरह से कैद करके रखा था । कांग्रेस अपने प्रत्याशी अहमद पटेल की किसी भी तरह से जीत चाहती थी जबकि बीजेपी के रणनीतिकार अमित शाह ,कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने में लगे थे।

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लगातार कम होते जा रहे विधायकों की संख्या के कारण अहमद पटेल एक बार तो हार के कगार पर पहुंच गए थे । इसीलिए कांग्रेस नेतृत्व ने गुजरात से अपने बचे सभी विधायकों को बेंगलुरू के इसी रिजॉर्ट में भेज दिया था ।
गुजरात के बाद अब कर्नाटक के कांग्रेस विधायकों को बचाने के लिए ये रिजॉर्ट फिर सामने आया है । बीजेपी की हार्स ट्रेडिंग नीति से अपने विधायकों को बचाने के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को यहीं रखा है । पिछले साल गुजरात के राज्यसभा चुनाव के वक्त जब कांग्रेस के विधायक इस रिजॉर्ट में थे तब इनकम टैक्स अधिकारियों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार के एक मंत्री समेत कई लोकेशनों पर छापा मारा था । आयकर विभाग ​के अधिकारी इगलटन रिजॉर्ट में भी गए थे , जहां गुजरात कांग्रेस के 40 से ज्यादा विधायक ठहरे हुए थे। राज्यसभा चुनाव में किसी तरह की फूट से डरकर कांग्रेस ने अपने विधायकों को इस रिजॉर्ट पर रखा था । बाद में इन छापों को लेकर संसद में जमकर हंगामा भी हुआ था।

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टैक्स अधिकारियों ने कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार के अलावा सांसद डीके सुरेश और कांग्रेस एमएलसी एस रवि के प्रॉपर्टीज पर भी छापा मारा था । डीके शिवकुमार, डीके सुरेश और रवि ,वे तीन लोग थे जो गुजरात से आए कांग्रेसी विधायकों की मेजबानी में लगे हुए थे।

कांग्रेस आलाकमान के बेहद खास माने जाने वाले डीके शिवकुमार और डीके सुरेश क्षेत्र में डीके ब्रदर्स के नाम से मशहूर हैं। सुरेश डीके शिवकुमार के छोटे भाई हैं। दोनों की सत्ता में खास रसूख है और पार्टी के ‘संकटमोचक’ भी माने जाते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि डीके शिवकुमार रिजॉर्ट पर थे, इसलिए वे वहां गए। रिजॉर्ट में कोई तलाशी नहीं ली गई। यह रिजॉर्ट शहर से 60 किलोमीटर दूर बिदादी इंडस्ट्रियल इलाके में है। यहां कमरे का एक दिन का किराया दस हजार रुपये से शुरू होता है। इस इलाके में कई मल्टीनैशनल कंपनियों के दफ्तर भी हैं।

डीके शिवकुमार कर्नाटक की पिछली सरकार में ऊर्जा मंत्री थे , वहीं डीके सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद हैं। जिस इलाके में विधायकों को ठहराया गया है, वह डीके सुरेश के संसदीय क्षेत्र के तहत आता है और कनकपुरा (शिवकुमार का विधानसभा क्षेत्र) से भी महज एक घंटे की दूरी पर स्थित है। पिछले चुनाव में जब कांग्रेस को प्रदेश में स्पष्ट बहुमत मिला था, उस वक्त शिवकुमार कनकपुरा सीट से एक लाख से ज्यादा वोटों से जीते थे। उन्होंने अपने हलफनामे में 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी। हाल के दिनों में पार्टी के लिए फंड जुटाने के काम में उनकी भूमिका अहम रही है।

जेएडीएस नेता कुमारास्वामी ने बीजेपी पर ‘प्रति विधायक 100 करोड़ की रकम’ देकर विधायक खरीदने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी के केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसे सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि इनका 100 या 200 करोड़ रुपये की बात करना काल्पनिक है। जावेडकर ने कहा कि हम लोग हॉर्स-ट्रेडिंग में यकीन नहीं रखतें ये कांग्रेस और जेएडीएस का तरीका होगा।

जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने भी बुधवार को इशारा कर दिया था कि बीजेपी छोड़ लोग हमारे पास आने को इच्छुक हैं। अगर वे एक को तोड़ेंगे तो हम दो तोड़ेंगें । उन्होंने कहा कि अपने विधायकों की रक्षा हम ज़रूर करेंगे। समय आने पर बताया जाएगा।

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Source: Hindi Newstrack