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पीएम मोदी 4 साल से विदेश यात्रा की मस्ती में व्यस्त, वहीँ देश की सीमा पर यूपी के 3 जवान फिर शहीद !

कारगिल युद्ध में लगभग 1000 जवान आधिकारिक रूप से शहीद हुआ था, जबकि मोदी सरकार में बिना किसी युद्ध के ही पिछले 4 साल में लगभग 500 जवान शहीद हो गए !

कश्मीर : भारत-पाक सीमा पर लगातार देश के जवान शहीद हो रहे हैं,पिछले 4 सालों में लगभग 500 जवान सीमा पर और कश्मीर में शहीद हो चुके हैं। जबकि आज भी कश्मीर के हालात बहुत बुरे हाल में है, तथा कश्मीर देश का हिस्सा होने के बावजूद लोग अब कश्मीर जाने से डरने लगे हैं जिसका कारण हाल ही में एक सैलानी की हुई मौत है। वहीँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जो बड़े-बड़े भाषण देते हुए अपने आप को भारत का प्रधान चौकीदार बताते हुए कहते थे कि हम एक सैनिक के बदले 10 सैनिक मारेंगे, 1 सिर के बदले 4 पाकिस्तानी सिर लाएंगे। वहीँ पाकिस्तान ने 2003 के सीजफायर समझौते को मानने के चार दिन बाद ही इसका उल्लंघन करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी की। गोलाबारी में बीएसएफ के एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर समेत दो जवान शहीद हो गए।

पाकिस्तान ने शनिवार रात लगभग दो बजे अचानक अंतरराष्ट्रीय सीमा की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाते हुए भारी गोलाबारी शुरू कर दी। गोलाबारी में एक पुलिसकर्मी, महिला समेत 14 लोग घायल हो गए। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पांच पाक रेंजर के मारे जाने और तीन चौकियों के तबाह होने की सूचना है।

गोलाबारी रविवार सुबह साढ़े 11 बजे तक चलती रही। कुछ इलाकों में एक बजे तक गोले दागे गए। गोलाबारी से परगवाल, कानाचक्क व खौड़ सेक्टर में पाक की गोलाबारी से 27 हजार आबादी प्रभावित हुई है।

पाकिस्तानी गोलाबारी में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बासपुर गांव के एएसआई सत्य नारायण यादव व उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी तहसील के सलेहपुर गांव निवासी कांस्टेबल वीके पांडेय घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

अपनी शादी के लिये 5 जून को छुट्टी पर आने वाले थे शहीद वीके पांडेय, पर अब पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचेगा। गौरतलब है 15 जून को शहीद का तिलक और 20 को बरात थी, पूरे परिवार रो-रो कर बुरा हाल है। वहीँ गांव वासियों ने मोदी सरकार पर गुस्सा दिखाते हुए कहा कि, पीएम मोदी सिर्फ बोलते ही रहेंगे या कुछ करेंगे भी, आखिर कब तक हमारे गांवों में ऐसे ही शहीदों के तिरंगे लिपटे शरीर आएंगे।

सेना का एक और जवान दूसरे मिशन में शहीद हुआ, यूपी के शहीदों की संख्या 3 हुई !

यूपी में कानपुर देहात जिले के ग्राम अनवां ब्लॉक राजपुर निवासी हवलदार राजपाल सिंह उर्फ रज्जू चन्देल 1 जून को देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर अनन्त नाग बार्डर पर एक मुख्य मिशन पर थी।
आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वह देश के लिए शहीद हो गये। देश के एक और लाल ने अपनी मात्रभूमि की रक्षा करते हुऐ अपने प्राणों की आहुति दे दी। शहीद राजपाल स्व. करन सिंह फौजी के भतीजे थे जोकि देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे। राजपाल के पिता रूप सिंह भी फौज में थे। शहीद राजपाल सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार तड़के गांव पहुंचने की जानकारी मिली है।

मोदी सरकार ने पुचकारते हुए कहा – पाकिस्तान नहीं सुधरा तो रमजान में तोड़ देंगे सीजफायर !

केंद्र सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान लगातार सीमा पार फायरिंग और आतंकवाद में जुटा रहेगा तो वह पिछले महीने घोषित किए गए रमजान के दौरान सीजफायर को हटाने के लिए विवश हो जाएगी।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा, हमने 16 मई को रमजान के दौरान कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया था। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार से आतंकवाद फैलाने और सीजफायर उल्लंघन करने में कोई विराम नहीं दिखा है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत ने हमेशा पहले हमला नहीं करने की नीति में यकीन किया है। लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम जवाबी कार्रवाई करेंगे।

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मुख्यमंत्री महबूबा बोलीं, बंद करो खून-खराबा !

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सीजफायर उल्लंघन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए खून- खराबा बंद करने को कहा है। उन्होंने भारत व पाकिस्तान के डीजीएमओ को इस मसले पर फिर से बातचीत करने का आग्रह किया है।

पाक कहता कुछ है, करता कुछ है : आईजी बीएसएफ

बीएसएफ के आईजी राम अवतार ने कहा है कि गोलाबारी ने यह फिर साबित कर दिया है कि इस्लामाबाद कहता कुछ है और करता कुछ और है। वहीं, आईजी जम्मू एसडी सिंह जमवाल ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के बाद उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। घबराने की जरूरत नहीं है।

इस साल गोलाबारी में 46 लोगों की मौत –

इस साल अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) व एलओसी पर पाकिस्तान की गोलाबारी में मरने वालों की संख्या 46 तक पहुंच गई है। इनमें 20 सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। पिछले महीने 15 से 23 मई तक कठुआ, सांबा व जम्मू जिले में पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ के दो जवान, एक बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हुई थी।

Source: Indiakinews