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MP की शिवराज सरकार में मंत्री वा आध्यात्मिक गुरु “भय्यूजी महाराज” ने गोली मारकर आत्महत्या की !

इंदौर : मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री वा आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध भय्यूजी महाराज ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। उन्हें गंभीर हालत में इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक भय्यू जी महाराज ने खुद को घर में गोली मारी जहां उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद उनके सेवादार उन्हें बॉम्बे अस्पताल लेकर गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। भय्यू जी महाराज पहली बार चर्चा में तब आए थे जब अन्ना हजारे के आंदोलन को खत्म कराने में उन्होंने वार्ता में महत्वपूर्व भूमिका निभाई थी।

पुलिस की फॉरेंसिक टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। भय्यू जी महाराज को गोली लगने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में उनके अनुयायी बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए हैं।

पुलिसकर्मी जयंत राठौर ने बताया, “भय्यूजी महाराज अस्पताल में भर्ती हैं इससे ज्यादा वे कुछ नहीं बता सकते। उन्होंने खुद को सर में गोली मारी है।”

जाने कौन थे भय्यूजी महाराज ?

भय्यूजी महाराज का मूल नाम उदयसिंह देशमुख है। वह पहले फैशन डिजाइनर थे और बाद में अध्यात्म की ओर मुड़ गए थे। इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है। यहीं से वे अपने सामाजिक गतिविधियां चलाते थे और ट्रस्ट के कार्यों का संचालन करते थे।

भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी माधवी का निधन हो चुका है। माधवी से उन्हें एक बेटी हुई जिसका नाम कुहू है जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यूजी महाराज ने दूसरी शादी डॉक्टर आयुषी से की। आयुषी उनके आश्रम में कई सालों से सेवाओं में समर्पित हैं।

भय्यूजी महाराज ने हर क्षेत्र में अपनी पहुंच साबित की। मायानगरी मुंबई का ग्लैमर बॉलीवुड हो या राजनीति का खेल या फिर समाजसेवा का क्षेत्र उन्होंने हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनके आश्रम में समाज में वीपीआई माने जानेवाले संत पहुंचते थे। उनके भक्तों में कई नामी-गिरामी हस्तियां शामिल थीं।

देश के कई बड़े राजनेता, उद्योगपति, फिल्मी दुनिया की हस्तियां, गायक और चर्चित हस्तियां उनके आश्रम में आ चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, सुर साम्राज्ञी लता मंगलेशकर, बॉलीवुड की मशहूर गायिका आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म अभिनेता, मिलिंद गुणाजी जैसे चर्चित नाम भी शामिल हैं।

सुर्खियों में कब आए भय्यूजी महाराज ?

भय्यूजी महाराज पहली बार तब सुर्खियों में आए जब साल 2011 में यूपीए सरकार ने लोकपाल को लेकर अन्ना हजारे के आमरण अनशन को तुड़वाने और उनकी मांगों के मानने का आश्वासन के साथ भय्यूजी महाराज को अपना दूत बनाकर भेजा था। अन्ना ने भय्यूजी महाराज के हाथों से जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा था। भय्यूजी महाराज ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जूस पिलाकर उनका उपवास खुलवाया था जब वे सद्भावना उपवास पर बैठे थे।

Source – Amarujala

Source: Indiakinews