थरूर से पहले ये 7 बिग पॉलिटिशियंस उगल चुके है हिंदू-मुस्लिम को लेकर जहरीले बयान

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लखनऊ: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, तिरुवनंतपुरम के एक कार्यक्रम में हिन्दू–मुस्लिम पर अपने द्वारा दिए एक विवादित बयान को लेकर अब फंसते हुए नजर आ रहे। उनके बयान पर देशभर में हंगामा मचा हुआ है। स्पलोग ट्वीट कर उनके बयान की निंदा भी कर रहे है।

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बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी ट्वीट कर उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रियां दी है। newstrack.com आपको 7 ऐसे बिग पॉलिटिशियन के बारे में बताने जा रहा है। जो शशि थरूर से पहले हिन्दू मुस्लिम बयान देकर चर्चा में चुका है।

क्या है ये पूरा मामला

शशि थरूर ने तिरूवनंतपुरम में मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘भाजपा एक नया संविधान लिखेगी जो भारत को पाकिस्तान जैसे राष्ट्र में बदलने का रास्ता साफ करेगा, जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया जाएगा, उनका कोई सम्मान नहीं होगा।

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उन्होंने कहा कि भाजपा दोबारा लोकसभा चुनाव जीतती है तो देश का लोकतांत्रिक संविधान खत्म हो जाएगा, क्योंकि उनके पास भारतीय संविधान को खत्म करने और एक नया संविधान लिखने के सारे तत्व मौजूद हैं।

थरूर ने आगे कहा कि भाजपा द्वारा लिखा गया नया संविधान पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित होगा, जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को पूरी तरह से खत्म कर देगा और राष्ट्र को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बना देगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद और स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों ने ऐसे राष्ट्र के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई नहीं लड़ी थी’।

बीजेपी ने किया पलटवार

उधर शशि थरूर के इस बयान पर भाजपा की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ‘शशि थरूर का यह बयान हिंदुस्तान को नीचा दिखाने के साथ ही हिंदुओं को भी नीचा दिखाता है। उन्होंने कहा कि बार-बार कांग्रेस पार्टी के नेता इस तरह के बयान देकर पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने का काम करते हैं’।

सलमान खुर्शीद

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री, सलमान खुर्शीद 24 अप्रैल 2018 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(एएमयू) के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे’।

यहां पर एएमयू के एक पूर्व छात्र द्वारा कांग्रेस के शासन काल के दौरान बाबरी मस्जिद विध्‍वंस और सांप्रदायिक दंगों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सलमान खुर्शीद ने माना कि कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के धब्‍बे हैं। इस बयान के बाद कांग्रेस पर बीजेपी ने हमला बोल दिया था।’ केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के शासनकाल में 5000 हजार दंगे हुए हैं।

प्रो. राम गोपाल यादव

यूपी के कासगंज में गणतंत्र दिवस के दिन उपजे तनाव के बाद हुई हिंसा के मुद्दे पर फरवरी 2018 में सपा के वरिष्‍ठ नेता प्रो. राम गोपाल यादव ने सदन में एक विवादित बयान दिया था जिसके बाद देश भर में खूब हो हल्ला मचा था।

उन्होंने कहा था ‘कासगंज में हिंदू ने ही हिंदू को मारा और मुस्लिम के ऊपर आरोप लगा दिया। ‘ मुस्लिम लोगों के घरों में घुस कर मारपीट की गई। झूठे इल्जाम लगा कर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, मार कौन रहा है? मार रहा है…हिंदू ने मारा हिंदू को और मुसलमान के ऊपर लगा दिया गया कि मारा।

रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता रविशंकर प्रसाद का 22 अप्रैल 2017 को एक बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने कहा था ‘वह जानते हैं कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते इसके बावजूद बीजेपी उनका पूरा सम्‍मान करती है और पार्टी ने कभी उनको परेशान नहीं किया है या सताया नहीं है।’

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रविशंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम में बहुसांस्‍कृतिक समाज के संबंध में किए गए सवाल का जवाब देते हुए ये बात कही थी। इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस और अन्य राजनितिक दलों ने इस रविशंकर प्रसाद के इस बयान की निंदा की थी।

आजम खान

अप्रैल 2014 में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान का गाजियाबाद में एक बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘करगिल युद्ध में भारत को जीत हिंदू नहीं, मुस्लिम सैनिकों ने दिलाई। जब हम करगिल जीते तो वहां कोई हिंदू सैनिक नहीं था।’ इस विवादास्पद बयान के बाद आजम खान चौतरफा आलोचनाओं से घिर गये थे। जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी आजम के बयान की आचोलना की थी।

दिग्विजय सिंह

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह का 1 अप्रैल 2016 को एक बयान मीडिया में सामने आया था। जिसमें उन्होंने भोपाल सेंट्रल जेल से फरार हुए सिमी के आतंकियों के एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि ‘हमेशा मुस्लिम कैदी ही जेल तोड़कर क्यों भागते हैं कोई हिंदू क्यों नहीं।

खंडवा से निकलते हैं तो सिमी के मुसलमान लड़के निकलते हैं कोई हिंदू नहीं निकलते हैं। भोपाल से भी मुस्लिम लड़के भागते हैं हिंदू नही भागते। उन्होंने ये भी कहा था कि आरएसएस और कट्टरपंथी मुस्लिम विचारधारा के लोग ही मिलकर दंगे फसाद कराते हैं। तब केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने दिग्विजय सिंह के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। जो ठीक बात नहीं है।

राज ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मार्च 2018 में मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक रैली में मोदी सरकार पर करारा हमला बोला था। कहा कि ‘देश नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के झूठे वादों से ऊब चुका है।’  ‘मोदी मुक्त भारत’ बनाने के लिए भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार को चलता करने की खातिर सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए।

मनसे प्रमुख ने भाजपा पर ये आरोप भी लगाया था कि भाजपा राजनीतिक एकाधिकार के लिए राम मंदिर के नाम पर हिंदू-मुस्लिम दंगे करवाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘मुझे शक है कि राम मंदिर मुद्दे पर दंगे करवाए जाने के लिए बड़ी योजना पर काम चल रहा है।’

असदुद्दीन ओवैसी

नोटबंदी के समय असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि हैदराबाद के मुस्लिम बहुल इलाकों में बैंक और एटीएम काम नहीं कर रहे हैं। ‘मिलाद-उन-नबी’ के मौके पर मैं पैसा नहीं निकाल पाया हूं। जैसे ही ओवैसी का ये बयान सामने आया। लोग सोशल मीडिया में इसे हिन्दू -मुस्लिम वाला बयान बताकर उनकी निंदा करने लगे।

बता दें कि इससे पहले वे 6 दिसंबर 2015 को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर राम मंदिर को लेकर दिए गये बयान पर भी फंस गये थे। तब उन्होंने कहा था कि कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं, बाबरी मस्जिद बनकर रहेगी।

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Source: Hindi Newstrack