बेटियों ने पिता की आखरी इच्छा पर किया अमल, अर्थी को दिया कंधा

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बूंदी जिले के हरिपुरा गांव की खाप पंचायत ने 28 दिन पहले एक पांच वर्ष की बच्ची को इसलिए जाति से बेदखल कर दिया था क्योंकि उसने गलती से टिटिहरि के अंडो को नुकसान पहुंचाया था. यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि रविवार को बरली बूंदी रागेर बस्ती की पंचायत ने रागेर परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया है. उन्हें यह सजा केवल इसलिए दी गई है क्योंकि चार बेटियों ने अपने मृत पिता की अर्थी को कंधा दिया  उनका अंतिम संस्कार किया.
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रागेर समुदाय के 58 वर्ष के दुर्गाशंकर टेलर की शनिवार रात को एक लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी. उनकी आखिरी ख़्वाहिश के अनुसार चारों बेटियों ने उनका अंतिम संस्कार किया. इसका समुदाय के पंचों ने विरोध किया  उन्हें समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी. इसके अतिरिक्त समाज के किसी भी सदस्य को अंतिम संस्कार में शामिल ना होने के लिए कहा. इसके बावजूद बेटियां अपने फैसला पर टिकी रहीं  उन्होंने अपने पिता की अंतिम ख़्वाहिश को पूरा किया.

इसके बाद परिवार  उनके रिश्तेदारों को समुदाय परिसर में अंतिम संस्कार के बाद नहाने  खाने को नहीं दिया गया. सबसे बड़ी लड़की मीना ने कहा, ‘समुदाय के पंचों ने पहले हमें अर्थी को कंधा देने  अंतिम संस्कार को ना करने के लिए कहा. लेकिन जब हम अपने फैसला पर अडिग रहे तो उन्होंने हमसे बोला कि हम अपने किए के लिए मां के सामने दण्डवत माफी मांगे. हमने कोई माफी नहीं मांगी क्योंकि हम जानते हैं कि हमने कुछ गलत नहीं किया है.

मीना ने आगे बताया कि जब हम श्मशान घाट से वापस लौटे तो सामुदायिक परिसर को बंद पाया सभी परिवार के पुरुष  स्त्रियों को घर में नहाना पड़ा. बीए अंतिम साल की छात्रा  दूसरी बेटी कलावती ने कहा, ‘यह हमारे पिता की आखिरी ख़्वाहिश थी कि उनकी चार बेटियां उनकी अर्थी को कंधा दें  अंतिम संस्कार करें क्योंकि हमारा कोई भाई नहीं है. हमने कोई अपराध नहीं किया है.‘ लड़कियों के मामा तिलकचंद ने कहा, ‘हमने समुदाय के पंचों से हमारी चार बेटियों द्वारा किए गए काम के लिए माफी मांगी लेकिन वह स्थिर रहे  केवल कुछ पढ़-लिखे सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

जब समुदाय के प्रमुख चंदूलाल चंदेलिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने परिवार को समाज से बहिष्कृत करने की बात को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने बोला कि वह शहर से बाहर थे  चार बेटियों द्वारा पिता की अर्थी को कंधा देने का कदम साहसिक है. समुदाय के बाहर कुछ लोगों की हमसे दुश्मनी है  वही लोग परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बातें फैला रहे हैं. बूंदी नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष मोजू लाल ने भी पंचों द्वारा परिवार का बहिष्कार करने की बात नकारी.

Source: Purvanchal media