एक बड़ा सवाल: तो क्‍या इमरान खान पीएम नरेंद्र मोदी को अपने शपथ ग्रहण में करेंगे आमंत्रित ?

International

‘नया पाकिस्‍तान’  ‘चेंज’ का नारा देकर चुनाव में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे इमरान खान 11 अगस्‍त को पाकिस्‍तान के पीएम पद की शपथ लेंगे इस तारीख के ऐलान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इमरान खान से बात की  उम्मीद जताई कि पड़ोसी राष्ट्र में लोकतंत्र अपनी जड़ें गहरी करेगा उसके बाद पीएम ऑफिस द्वारा जारी किए गए एक बयान के अनुसार मोदी ने पाक में लोकतंत्र के जड़े गहरी होने की उम्मीद जताई बयान में बोला गया कि पीएम ने पूरे एरिया में शांति एवं विकास का अपना विजन भी दोहराया इस बीच, इस्लामाबाद में खान की पार्टी ने एक बयान में बोला कि खान ने पीएम मोदी की शुभकामनाओं को लेकर उनका शुक्रिया अदा किया है

Image result for इमरान खान पीएम नरेंद्र मोदी

बयान में इमरान खान के हवाले से बोला गया है, ‘‘संघर्षों का निवारण बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए ’’ इमरान खान ने पीएम मोदी के साथ अपनी वार्ता में यह सुझाव भी दिया कि पाक हिंदुस्तान की सरकारों को अपने-अपने लोगों को गरीबी के जाल से मुक्त कराने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए उन्होंने बोला कि संघर्षों का हल करने की बजाय युद्ध  खूनखराबा त्रासदियों को जन्म देंगे

पाकिस्‍तान की अवाम का एक तबका इमरान खान को ‘गेमचेंजर’ के रूप में देख रहा है उनको सर्वशक्तिशाली पाकिस्‍तानी सेना (इस्‍टेब्लिशमेंट) का भी समर्थन माना जा रहा है चुनाव से कुछ वक्‍त पहले पाकिस्‍तानी जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी परोक्ष रूप से इशारा देते हुए बोला था कि हिंदुस्तान के साथ वार्ता ही एकमात्र उपाय है लेकिन हिंदुस्तान प्रारम्भ से इस मामले में एकदम स्‍पष्‍ट रहा है उसका मानना है कि लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई गवर्नमेंट के साथ ही वार्ता हो सकती है

इस पृष्‍ठभूमि में पीएम मोदी  इमरान खान की खुशनुमा माहौल की वार्ता के बाद दोनों तरफ के अमन पसंद लोगों को फिर से उम्‍मीद बंधी है इस तरह के सवाल  सुझाव आने लगे हैं कि इमरान खान को अपने शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित कर ‘दोस्‍ती’ के माहौल की आरंभ करनी चाहिए बोला जा रहा है कि यह भी अच्छा उसी तरह का ‘मास्‍टरस्‍ट्रोक’ हो सकता है, जिस तरह से पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्‍ता संभालते वक्‍त दक्षेस (सार्क) राष्ट्रों के सभी नेताओं को आमंत्रित किया था पाकिस्‍तान के तत्‍कालीन पीएम नवाज शरीफ आए भी थे

सेना का सवाल
हालांकि यह भी बोला जाता है कि जब नवाज शरीफ यहां आए थे तो उससे पहले इंडियन पीएम के आमंत्रण को स्‍वीकार करने में उनको कई दिन लग गए थे माना जाता है कि पाकिस्‍तान सेना इस आमंत्रण को स्‍वीकार करने के विरूद्ध थी लेकिन नवाज शरीफ नहीं माने यह भी बोला जाता है कि इस एपिसोड के बाद उनके सेना के साथ रिश्‍ते असहज होने प्रारम्भ हो गए  उसकी मूल्य भी चुकानी पड़ी इस पृष्‍ठभूमि में बड़ा सवाल यही है कि क्‍या पाकिस्तान सेना से अलग स्‍वतंत्र रुख अपनाते हुए इमरान खान इंडियन पीएम को अपने शपथ ग्रहण में आमंत्रित करेंगे?

ये सवाल इसलिए भी अहम है क्‍योंकि इमरान खान पिछले कई सालों से इस बात पर ही जोर दे रहे हैं कि दोनों राष्ट्रों के बीच वार्ता के जरिये ही समस्‍या का निवारण हो सकता है अपनी जीत के विजय संदेश में कश्‍मीर का राग अलापने के बावजूद उन्‍होंने यह बात कही सो, हिंदुस्तान से दोस्‍ती के संदर्भ में गेंद अब इमरान खान के पाले में है  देखना यह है कि अपने जमाने के महानतम आलराउंडरों में शुमार रहे इमरान खान इस गेंद पर बैटिंग कैसे करते हैं?

Source: Purvanchal media