तो क्या हाथी के मल से तैयार होती है यह Coffee?

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असम की चाय ने एक नीलामी में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया एक किलो चाय 39001 रुपए में नीलाम हुई यह अब तक बिकी चाय में सबसे महंगी है लेकिन, सिर्फ चाय ही नहीं, कॉफी भी मूल्य के मामले में आपको दंग कर सकती है क्योंकि, यह आम कॉफी नहीं होती ब्लैक आइवरी ब्लेंड कॉफी (Black Ivory Coffee) की बात करें तो इसे दुनियाभर के रईस पीते हैं क्योंकि, यह कॉफी वही अफोर्ड कर सकते हैं इसकी मूल्य इतनी है कि सुनकर होश उड़ जाएं आपको यकीन नहीं होगा, जिसे कॉफी को आप घर में पीते हैं, उसकी मूल्य 100 रुपए, 200 रुपए  500 रुपए तक हो सकती है लेकिन, ब्लैक आइवरी ब्लेंड संसार की सबसे महगीं कॉफी में से एक है

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67000 रुपए में एक किलो कॉफी
ब्लैक आइवरी कॉफी की मूल्य है 1,100 डॉलर (यानी की 67000 रुपए) प्रति किलो बिकता है कॉफी की मूल्य का अंदाजा तो आपको लग गया, लेकिन ऐसा क्या खास है इस कॉफी में जो इसकी मूल्यइतनी ज्यादा है दरअसल, इसे तैयार करने की प्रक्रिया ऐसी ही है, जिसकी वजह से इसकी मूल्यइतनी बढ़ जाती है ब्लैक आइवरी कॉफी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक यह कॉफी हाथी के मल यानी लीद से तैयार की जाती है ब्लैक आइवरी को तैयार करने की प्रक्रिया की आरंभ बेहद अचंभित करने वाली है हाथी को पहले भारी मात्रा में कॉफी के कच्चे फल खिलाए जाते हैं हाथी इसे पचाने के बाद पॉटी (लीद) कर देते हैं

मल में तलाश किए जाते हैं बीज
हाथी की इस लीद को इकट्ठा किया जाता है अब इस लीद में कॉफी के बीज तलाशे जाते हैं एक हाथी को लगभग 33 किलो कॉफी के कच्चे फल खिलाए जाते हैं, जिसके लीद से एक किलो कॉफी के बीज निकाले जाते हैं हाथी के लीद से निकाले गए कॉफी के बीज को धूप में अच्छी तरीके सुखाया जाता हैइस बीज को पिसा जाता है, फिर इसी से ब्लैक आइवरी कॉफी तैयार किया जाता है

थाइलैंड में तैयार होती है कॉफी
ब्लैक आइवरी कॉफी बिल्कुल भी कड़वी नहीं होती इस महंगी कॉफी को थाइलैंड में बड़े पैमाने पर तैयार किया जाता है यह संसार की सबसे महंगी कॉफी में से एक है आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि संसार की सबसे महंगी कॉफी लूवक भी जानवर की पॉटी से ही तैयार होती है इस कॉफी की मूल्य 2 लाख रुपए प्रति किलो है हाथी की लीद से बीज निकालने का कार्य हाथियों के प्रशिक्षित ट्रेनर करते हैं

इसलिए कड़वी नहीं होती कॉफी
हाथी के लीद से बीज अलग करने के बाद उन्हें धूप में सुखाया जाता है, फिर उसे मार्किट में बेच देते हैंइस प्रकार से एक महंगी कॉफी तैयार हो जाती है हैरत की बात तो यह है कि इस कॉफी में जरा भी कड़वापन नहीं होता है बोला जाता है कि पाचन क्रिया के दौरान हाथी के एन्जाइम कॉफी के प्रोटीन को तोड़ देते हैं प्रोटीन टूटने के साथ ही कॉफी का कड़वापन लगभग समाप्त हो जाता है

Source: pURVANCHAL MEDIA