कभी सोचा है फांसी से देने से पहले अपराधी के कान में क्या बोलता है जल्लाद?

Humer

रोचक डेस्क। क्या आपने ​कभी सोचा है कि जेल में अपराधी को फांसी देने के समय जल्लाद उसके कान में कहता हेगा, शायद नही । वैसे हमने कई फिल्मों में जेल में फांसी का सीन देखा है, जिसमें जल्लाद आरोपी के कान में कुछ कहता है। लेकिन हम समझ नहीं पाते की उसने उससे क्या कहा, लेकिन इस बात को जानने से पहले हम आपको फांसी से जुडी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे है। आपको जानकर हैरानी ​होगी कि हमारे भारत में फांसी देने वालों जल्लादों की संख्या सिर्फ दो ही है।

​शायद आपको इस बात की भी जानकारी नहीं होगी कि फांसी का फंदा जो होता है वह जेल में रह रहे लोगों द्धारा ही बनवाया जाता है।​ बिहार के बक्सर जेल के फांसी केे फंदे काफी प्रचलित है। यहां से कई जगहों पर इसका सप्लाई किया जाता है और माना जाता है कि यहां के कैदी फंदा बनाने में माहिर है।भारत में फांसी सुर्य उगने से पहले दिया जाता है। ताकि जेल का रोजाना की दिनचर्या पर इसका कोई प्रभाव न पडे। फांसी के समय एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, जेल अधीक्षक सहित जल्लाद ​का होना अनिवार्य माना जाता है।

अगर इन में से एक भी व्यक्ति फांसी के समय नहीं आ पाता तो फांसी को टाल दिया जाता है। फांसी देते समय जल्लाद अपराधी के कान में धीरे से कहता है कि मुझे माफ कर देना, तुम्हें फांसी देना मेरी मजबूरी है। मैं कानून के हाथो मजबूर हूॅ। अगर वह अपराधी हिन्दू है तो राम राम और मुस्लमान है तो आखिरी सलाम कहकर लीवर खींच देता है।

Source: Rochak khabare