तो क्या ये एडवरटाईजमेंट भी कर चुकें हैं रवींद्रनाथ टैगोर

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गुरुदेव के नाम से दुनियाभर में मशहूर नोबेल पुरस्कृत रवींद्रनाथ टैगोर के बारे में तो हर कोई जानना चाहता है साल 1941 में उन्होंने आज ही के दिन इस संसार को अलविदा बोला था टैगोर राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन, कला  साहित्य में भागीदार थे उनकी पहचान सबसे ज्यादा हिंदुस्तान के राष्ट्रगान के रचयिता के नाम से होती है टैगोर का सबसे ज्यादा असर इंडियन खासकर स्त्रियों के परिधान पर है रविंद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई को कलकत्ता में हुआ था उन्होंने कई इंडियन विदेशी प्रोडक्ट के एडवरटाईजमेंट में कार्य करके भी बड़ा नाम कमाया है

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आपको ये सुनकर हैरानी होगी कि गुरुदेव ने साबुन, क्रीम से लेकर के बॉर्नविटा तक एडवरटाईजमेंटकिए हैं खास बात तो ये है कि टैगोर ने अपने जीवनकाल में करीब 500 से भी ज्यादा एडवरटाईजमेंट किए हैं उनके समय में तो एडवरटाईजमेंट प्रिंट होते थे  उनके लगभग हर एडवरटाईजमेंट में टैगोर की ज्ञानवर्धक बातें छपी रहती थी टैगोर ने गोदरेज साबुन  रेडियम स्नो (क्रीम) के एडवरटाईजमेंट भी किए थे जिसमें इन प्रोडक्ट्स की क्वालिटी को लेकर  इन प्रोडक्ट के विदेशी प्रोडक्ट से बेहतर होने की बातें टैगोर द्वारा लिखी जाती थी

टैगोर ने तो विदेशी प्रोडक्ट बोर्नविटा के लिए भी एडवरटाईजमेंट किया था हालांकि वो ये सभी एडवरटाईजमेंट करने के लिए पैसे लेते थे या नहीं ये सब तो किसी को भी नहीं पता है उस समय में हर प्रोडक्ट अपने एडवरटाईजमेंट में रवींद्रनाथ टैगोर को ही लेना चाहता था इतना ही नहीं आज के समय के कई विशेषज्ञों का तो ये भी मानना है कि अगर टैगोर आज हम सब के बीच होते थे तो वो बड़े-बड़े सुपरस्टार्स को भी मुक़ाबला देतें गुरुदेव ने तो इंडियन स्त्रियों के सलीकेदार कपड़े पहनने के लिए वकालत भी की थी इतना ही नहीं साड़ी पहनना सीखने के तो एडवरटाईजमेंट भी छपे थे

Source: Purvanchal media