पहाड़ो पर भारी बारिश से 3 हजार मैगावाट बिजली उत्पादन ठप , 9 राज्य प्रभावित

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रामपुर बुशहर / विशेषर नेगी

हिमाचल के पहाड़ी इलाको इलाको में चार दिनों से लगातार बारिश
के कारण नदी नाले उफान पर है। क्षेत्र की प्रमुख नदी सतलुज में गाद की
मात्रा और जल स्तर बढ़ने से नदी तट पर बनी सभी जल विद्युत परियोजनाओं से
बिजली उत्पादन ठप कर दिया गया है। नदी में सिल्ट अधिक होने से 2900
मैगावाट से अधिक बिजली उत्पादन ठप हुआ है इस से सरकार को भी दैनिक करोड़ो
के राजस्व का नुक्सान हो रहा है। ऐसे में उत्तरी भारत के 9 राज्यों की
बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगो को नदी के जल स्तर
में बढ़ौतरी को देखते हुए नदी तट पर न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने
मवेशियों को भी नदी के आस पास न छोड़ने के लिए कहा है। सतलुज नदी का जल
स्तर किन्नौर के नाथपा बांध स्थल पर 1500 क्यूमेक्स प्रति सैकिंड से अधिक
हो गया है। जब की नदी में सिल्ट की मात्रा भी 20 हजार पार्ट पर मिलियन
से अधिक है। नदी में पानी अधिक मटमैला होने से सतलुज नदी पर बनी जल
विद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन सम्भव नहीं। पानी में गाद अधिक होने
से विद्युत् उत्पादन इकाइयां टर्बाइनों को नुकसान पहुँचता है इस लिए
बिजली उत्पादन बंद कर बाँध के द्वार खोल दिए गए है।

एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया लगातार पहाड़ो में हो रही
बारिश की वजह से सतलुज नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ नदी में गाद की मात्रा
बढ़ गई है। इस से सतलुज नदी पर बनी जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली
उत्पादन ठप कर दिया गया है। उन्होंने बताया 1500 मैगावाट की नाथपा झाकड़ी
जल विद्युत परियोजना के बाँध स्थल के गेट खोल दिए गए है। इस से करीब
1500 क्यूमेक्स पानी सतलुज में अतिरिक्त बढ़ गया है। इस से नदी का जलस्तर
बढ़ने की संभावना है। लोगो से अपील की गई है की नदी किनारे ना जाए और न ही
पशु छोड़े ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।
सतलुज की सहायक नदियों में बारिश के कारण पानी मटमैला हो गया
है। कई सहायक नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी है। नाथपा झाकड़ी हाइड्रो
स्टेशन के मुख्य प्रबंधक संजीव सूद ने बताया पानी में गाद अधिक होने
से एशिया की सब से बढी भूमिगत जल विद्युत परियोजना 1500 मेगावाट की नाथपा
, एक हजार मेगावाट की करछम वांगतू , 412 मैगावाट की रामपुर परियोजना से
बिजली उत्पादन ठप कर दिया गया है। इस से हिमाचल समेत उत्तरी भारत के नौ
राज्यों पंजाब , हरियाणा , दिल्ली , जम्मू कश्मीर ,उत्तर प्रदेश ,
राजस्थान ,उत्तराखंड व् चंडीगढ़ को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति ठप हो गई
है।
ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप होने से हिमाचल प्रदेश और केंद्र सरकार को भी
रायटी के रूप
में दैनिक करोड़ो की चपत लग रही है। नदी के जलस्तर और गाद को देखते हुए
बुधवार सुबह तक बिजली उत्पादन बहाल होने की सम्भावनाये कम है।

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