भूलकर भी भगवान शिव पर नहीं चढ़ानी चाहिए ये चीज, वरना जिंदगी हो जाएंगी दुखमयी

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इंटरनेट डेस्क। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। कहा जाता है जो जातक सावन में शिव भक्ति में लीन रहता है उसे कभी भी अकाल मृत्यु या सांसारिक पीड़ाओं का भय नहीं सताता है। कुछ कामकाज ऐसे होते है जो सावन के महीने में करने चाहिए। जिनसे भगवान शिव खुश होते है जैसे भगवान शिव की नित्य पूजा करना, पूजा में बेलपत्र का उपयोग करना आदि। वहीं शास्त्रों में बताया गया है कि शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए। आखिरकार क्यों शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते हैं। इसके बारे में कई मान्यताएं प्रचलित हैं, इनमें से एक मान्यता इस प्रकार है।

पौराणिक मान्यता के मुताबिक जालंधर नाम का एक असुर था जिसे अपनी पत्नी की पवित्रता और विष्णु जी के कवच की वजह से अमर होने का वरदान मिला हुआ था। इसका लाभ उठा कर वह संसार में आतंक मचा रहा था। उसके आतंक को रोकने के लिए भगवान विष्णु और भगवान शिव ने उसे मारने की योजना बनाई।

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पहले भगवान विष्णु से जालंधर से अपना कवच मांगा और इसके बाद भगवान विष्णु ने उसकी पत्नी की पवित्रता भंग की। जिससे भगवान शिव को जालंधर को मारने का अवसर मिल गया। जब वृंदा को अपने पति जालंधर की मृत्यु का पता चला तो उसे बहुत दु:ख हुआ। उसने गुस्से में भगवान शिव को शाप दिया कि उन पर तुलसी की पत्ती कभी नहीं चढ़ाई जाएंगी। इसी कारण है कि शिवजी की पूजा के दौरान तुलसी की पत्तीयों का प्रयोग नहीं किया जाता है।

नोट: इस ज्योतिष आर्टिकल में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे केवल सामान्य जनरूचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

 

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Source: Rochak khabare