जानिए सावन के माह मेें क्यों मनाया जाता है शिवरात्रि

Humer

रोचक डेस्क। अगस्त का महीना आते ही सावन शुरू हो जाते है। सावन का महीना शिवजी का माना जाता है। मान्यता है कि सावन के महीनें में ​भगवान शिव अपने ससुराल आते है।  सावन के महीने में हर साल सावन की शिवरात्रि को बडे उत्साह के साथ मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की सच्चे में मन से पुजा पाठ और आराधना की जाए तो उस व्यक्ति की सभी मनोकामना पुरी होती है और साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिव के भक्त सावन के शिवरात्री का साल भर इंतजार करते है। इस दिन भ​क्त गंगा को कावड मे भर कर शिव को चढाते है।

सावन में शिवरात्री मनाने की वजह
शिव जी को भोले नाथ भी कहा जाता है यह नाम उनको इस लिए दिया गया क्योंकि वह काफी सरल और भोले भगवान है। उनको मनाने में भक्तों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पडती। इस लिए भक्त उन्हें भोले नाथ के नाम से बूलाते है। सावन के माह में कावड की जो यात्रा होती है वह काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि कावड की यात्रा का संबंध सावन के शिवरात्रि से माना जाता है। इससे जुडी कई कहानियां प्रचलित है। सावन के माह में शिवरात्रि मनाने की पीछे की वजह शिव जी के समुंद्र मंथन को माना जाता है।

माना जाता है कि भगवान शिव ने समुंद्र मंथन के दौरान समुंद्र से निकला जहर पी लिया जिसकी वजह से उनका शरीर काफी गर्म हो गया था। इसके बाद त्रेता युग में रावण ने शिवजी का ध्यान किया और कावड के द्धारा गंगा जल भर कर शिवजी का जलाभिषेक किया तब शिवजी का शरीर ​ठंडा हूआ। तभी से कावड यात्रा की शुरूआत मानी जाती है।

Source: Rochak khabare