सावन के माह में भूलकर भी शिवजी पर न चढ़ाएं से चीजे

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लाइफस्टाइल डेस्क। सावन के माह में हर कोई शिवजी को प्रसन्न करनें मे लगा हूआ है। शिवजी को मनाने के लिए लोग अलग अलग तरह काम कर रहे है। आज हम आपको कुछ ऐसी चीजे बता रहे है कि जिसका प्रयोग आप भूलकर भी इस सावन के माह में न करे।

तुलसी पत्ता
आपने कभी गौर किया हो तो तुलसी के पत्ते से भगवान शिव की कभी पुजा नहीं की जाती। इससे पीछे का कारण माना जाता है कि जलंधर नाम की असुर की पत्नी वृंदा से तुलसी का जन्म हुआ था। जिसे भगवान विष्णु ने अपनी पत्नि के रूप में स्वीकार किया था। इसी कारण तुलसी से कभी भी भगवान शिव की पुजा नहीं की जाती ।

शंख का न करे प्रयोग
माना जाता है कि शिव की पूजा में कभी भी शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके पीछे एक रोचक किस्सा छूपा हुआ र्है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने शंख चूड नाम के दानव को मारा था। लेकिन यह असुर भगवान विष्णू का बहूत बडा भक्त था। शंख को उसी का प्रतीक माना जाता र्है। इसलिए शंख से ​भगवान विष्णू की पुजा की जाती है।

काला तिल
माना जाता है कि तिल भगवान विष्णु के मेल से निकाला गया था इसी वजह से य​ह कभी भगवान शिव को नहीं चढाया जाता।

सिंदूर और चावल
माना जाता है कि भगवान शिव को अक्षत के रूप में साबूत चावल चढाए जाते है लेकिन टूटे चावल से कभी भी उनकी पूजा नहीं की जाती। टूटे हूए चावल अशूद्ध माने जाते है वही सिंदूर को सौभागय का प्रतिक माना जाता है। लेकिन शिव वैरागी थे इसलिए सिंदूर से कभी उनकी पुजा नहीं की जाती।

Source: Rochak khabare