पीएम मोदी का तीसरा भाषण- योजनाओं का ब्योरा और काम का लेखा-जोखा

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आजादी के इस पावन पर्व पर सवा सौ करोड़ देशवासियों को, विश्व में फैले हुए सभी भारतीयों को लाल किले की प्राचीर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आजादी का यह पर्व, 70वां वर्ष एक नया संकल्प, नई उमंग, नई ऊर्जा, राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प पर्व है।
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आज हम जो आजादी की सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लक्ष्याव्धि महापुरुषों का बलिदान है, त्याग और तपस्या की गाथा है। वेद से विवेकानंद तक, उपनिषद् से उपग्रह तक, सुदर्शन चक्रधारी मोहन से ले करके चरखाधारी मोहन तक, महाभारत के भीम से ले करके भीमराव तक, एक हमारी लम्बी इतिहास की यात्रा है, विरासत है। भारत की उम्र 70 साल नहीं है, यह यात्रा 70 साल की है।

अब स्वराज्य (Self-Governance) को सुराज्य (Good-Governance) में बदलना, ये सवा सौ करोड़ देशवासियों का संकल्प है। पंचायत हो या Parliament हो, ग्राम प्रधान हो या प्रधानमंत्री हो, हर किसी को, हर Democratic Institution को सुराज्य (Good-Governance) की ओर आगे बढ़ने के लिए अपनी जिम्मेवारियों को निभाना होगा, अपनी जिम्मेवारियों को परिपूर्ण करना होगा।

रसोई गैस कनेक्शन

भारत के पास अगर लाखों समस्याएं हैं तो सवा सौ करोड़ मस्तिष्क भी हैं जो समस्याओं का समाधान करने का सामर्थ्य भी रखते हैं। शासन संवेदनशील होना चाहिए, शासन उत्तरदायी होना चाहिए। आज सरकार के बड़े अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होते हैं और पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होता है।

शासन में सुराज के लिए पारदर्शिता पर बल देना उतना ही महत्वपूर्ण है। हमें अपने काम की रफ्तार को तेज करना होगा। गति को और आगे बढ़ाना होगा। Renewable Energy पर हमारा बल है। wind energy में पिछले एक साल के भीतर-भीतर करीब-करीब 40 प्रतिशत हमने वृद्धि की। एक साल में Transmission line करीब-करीब 50 हजार किलोमीटर. हमने पहुंचाया है।

ail line commissioning दो साल में 3500 किलोमीटर का काम करने में हम सफल हुए है। हमने 60 सप्ताह में चार करोड़ नए लोगों को रसोई गैस के connections दिए। हिन्दुस्तान के गांवों में दो करोड़ से ज्यादा शौचालय बन चुके हैं। 70 हजार से अधिक गांव आज खुले में शौच जाने की परम्परा से मुक्त हो चुके हैं।

उन 18 हजार गांवों में जहां बिजली नहीं पहुंची है 18 हजार गांवों में से दस हजार गांवों में आज बिजली पहुंच गई है। हमारे लगातार कदमों के कारण Inflation rate हमने 6 percent से ऊपर जाने नहीं दिया है।

एफडीआई को प्रोत्साहन

हमने जल प्रबंधन, जल सींचन और जल संरक्षण पर बल दिया है। per drop-more crop, Micro-irrigation इसको हम बल दे रहे हैं। 90 से ज्यादा सिंचाई की योजनाएं आधी-अधूरी ठप्प पड़ी थीं, हमने बीड़ा उठाया है सबसे पहले उन योजनाओं को पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पहली बार कम से कम प्रीमियम से अधिक से अधिक वो भी गारंटी के साथ फसल बीमा योजना देने का काम है। फसल के उत्पादन को 15 लाख टन अन्न के संरक्षण के लिए नए गोदामों का निर्माण।

Food processing में 100% Foreign Direct Investment को प्रोत्साहित किया गया है। हम isolated development की जगह पर integrated development की ओर बल दे रहे हैं। हम entitlement से छोड़कर के empowerment पर ध्यान दे रहे हैं। 5 करोड़ गरीब परिवारों को गैस का चूल्हा तीन साल में पहुंचाने का काम किया है। बीड़ा  करीब-करीब 50 लाख परिवारों तक सिर्फ पिछले 100 दिन के अंदर। आधार व्यवस्था के तहत हमनें सारे बिचौलियों को बाहर किया।

Spectrum की नीलामी online हुई, देश का खजाना भी भरा, स्वस्थ Competition भी हुई और देश का लाभ हुआ। Foreign Direct Iinvestment के मामले में हमारा देश आज पंसदीदा देश बना। GST का जो कानून पास हुआ, वो भी उसमें एक ताकत देने वाला काम हुआ है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ में हमने जो initiative लिए हैं, उसमें समाज के सहयोग की आवश्कया है। मुद्रा योजना का लाभ साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा परिवारों ने लिया। उसमें अधिकतम नये लोग थे जो बैंक के दरवाजें पर पहुंचे।

उसमें भी 80% करीब-करीब SC, ST, OBC के थे और उसमें भी बैंक में, मुद्रा बैंक में लोन लेने वाली 80% महिलाएं हैं। माताएं-बहनें प्रसूति के बाद छुट्टी 26 हफ्ते की कर दी है, ताकि मां अपने बच्चे का लालन- पालन कर सके।

विविधता में एकता, ये हमारी सबसे बड़ी ताकत है, एकता का मंत्र हमारी जड़ों से जुड़ा हुआ है। हम सम्मान देना जानते हैं, हम सत्कार करना जानते हैं, हम समावेश करना जानते हैं इस महान परंपरा को लेकर के हम चले हैं और इसलिए हिंसा और अत्याचार का हमारे देश में कोई स्थान नहीं है। ये देश हिंसा को कभी सहन नहीं करेगा, ये देश आतंकवाद को कभी सहन नहीं करेगा, ये देश आतंकवाद के सामने कभी झुकेगा नहीं, माओवाद के सामने कभी झुका नहीं।

गरीबी से लड़ेंगे तो हम तबाही से निकलकर के समृद्धि की ओर चल पड़ेंगे और इसलिए मैं सभी पड़ोसियों को गरीबी से लड़ने के लिए निमंत्रण देता हूं। पिछले कुछ दिनों से बलूचिस्तान के लोगों ने, Gilgit के लोगों ने, पाक Occupied कश्मीर के लोगों ने, वहां के नागरिकों ने जिस प्रकार से मेरा आभार व्यक्त किया है, वो मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है।

एक समाज, एक सपना, एक संकल्प, एक दिशा, एक मंजिल इस बात को ले करके हम आगे बढ़े।

भारत माता की जय, वंदे मातरम, जय हिंद।

Source: Purvanchal media